बारिश से बदला मौसम का मिजाज, 29 जिलों में झमाझम; 18.8°C के साथ पचमढ़ी सबसे ठंडा
सबसे ज्यादा बारिश श्योपुर जिले में हुई, जहां करीब पौने दो इंच पानी गिरा। भारी वर्षा के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मंडला में पौन इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में करीब आधा इंच पानी बरसा। गुना, दमोह, सागर, उमरिया, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं बैतूल, हरदा, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, रीवा, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल में भी मौसम ने करवट ली।
बारिश के असर से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। भोपाल का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। इंदौर में 25.8 डिग्री, उज्जैन में 25.5 डिग्री, ग्वालियर में 27.3 डिग्री और जबलपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भोपाल सहित 22 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे अधिक रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, श्योपुर, मुरैना, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, सागर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर और दमोह शामिल हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और अन्य मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर कई जिलों में बना रह सकता है।
हालांकि मानसून के आगमन को लेकर अब देरी के संकेत मिल रहे हैं। सामान्यतः मध्यप्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 5 से 7 दिन देर से आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
उधर मई महीने का मौसम भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक ओर कई जिलों में भीषण गर्मी और लू चली, वहीं दूसरी ओर सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई। खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन नौतपा के दौरान भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार मई में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
