MP: सागर-रीवा संभाग के 6 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 4 दिन सक्रिय रहेंगे मानसूनी सिस्टम
मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और दमोह में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
कलियासोत बांध के फिर खोले गए गेट
प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को भी तेज बारिश हुई। भोपाल में कलियासोत बांध के दो गेट दोबारा खोलने पड़े। इससे एक दिन पहले शनिवार रात करीब 11 बजे बांध के चार गेट खोले गए थे। पानी छोड़े जाने के बाद रात 12 बजे इन्हें एक-एक करके बंद कर दिया गया था।
उज्जैन में बारिश के चलते शनिवार देर रात महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक महाकाल द्वार गिर गया।
शिवपुरी जिले के सिकराऊदा गांव के 21 वर्षीय राम रावत का शव गहलोनी के पास नदी किनारे मिला। वह शुक्रवार को रपटा पार करते समय तेज बहाव में बह गया था। शनिवार को SDERF की टीम ने पूरे दिन सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन युवक का पता नहीं चल पाया था। रविवार को नदी का जलस्तर घटने पर ग्रामीणों को उसका शव दिखाई दिया।
खेतों में पानी भरा, सड़क पर पुल डूबा
शाजापुर के अकोदिया में बारिश का सिलसिला कभी धीमा तो कभी तेज रहा। खेतों में पानी भरने से सोयाबीन की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
मुरैना के कैलारस में भी बारिश के बाद खेरली-पचोखरा रोड पर स्थित गुराह नाले का पुल पानी में डूब गया। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों ने नाला पार करने के लिए बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन का सहारा लिया। वे इसमें बैठकर रस्सी के सहारे नाले के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच रहे हैं।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
IMD के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
32 जिलों में सामान्य से 2% से 23% तक कम बारिश
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 1% तक कम दर्ज की गई है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 23% तक कम बारिश हुई है।
हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे बारिश का आंकड़ा ऊपर आया। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों के लिहाज से बेहतर स्थिति में पहुंचा है और यहां बारिश का आंकड़ा 2% ज्यादा हो गया है।
इसके उलट पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 54% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
