September 15, 2026

MP में मानसून के 15 दिन बाकी, 37 जिलों में अब भी कोटा अधूरा, आलीराजपुर सबसे पीछे

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आ रहा है, लेकिन बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से नीचे है। सीजन में अब तक 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच से 2.1 इंच कम है। प्रदेश में ओवरऑल बारिश 6% कम है और 37 जिलों में अभी औसत बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है।

दूसरी ओर, भोपाल, ग्वालियर समेत 18 जिले औसत से आगे निकल चुके हैं। सबसे ज्यादा अंतर आलीराजपुर में है, जहां औसत की आधी बारिश भी नहीं हुई, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा पानी गिर चुका है।

पूर्वी MP ने संभाला आंकड़ा, पश्चिमी हिस्सा अब भी पीछे
इस मानसून में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रदर्शन पश्चिम की तुलना में बेहतर रहा है। जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कई जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है। सागर संभाग के निवाड़ी में औसत से 49%, मऊगंज में 44%, सतना में 34% और मैहर में 29% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है।

इंच में देखें तो मऊगंज में 54.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। सतना में भी 50 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इसके उलट इंदौर संभाग के आलीराजपुर में अब तक सिर्फ 16 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालांकि, पूर्वी हिस्से का ओवरऑल आंकड़ा भी सोमवार तक सामान्य से 1% कम हो गया। यहां बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 2% से 25% तक कम बारिश हुई है।

पश्चिम के कई जिलों में 2 से 49% तक कमी
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 49% तक कम बारिश हुई है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बनने के बावजूद पूरे प्रदेश का बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर नहीं पहुंच पाया।

23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इस सूची में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के जिले शामिल हैं, लेकिन अधिक बारिश वाले जिलों में पूर्वी मध्य प्रदेश का दबदबा साफ दिखाई देता है।

चार दिन भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले चार दिनों में प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं है। पिछले चार दिनों से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में भारी बारिश का दौर चला था। सोमवार को भी कुछ जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड हुई, लेकिन मंगलवार से सिस्टम कमजोर होने की संभावना है। इसके चलते 15 से 17 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 15 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

पिछले सप्ताह की बारिश से बदला तस्वीर का अंतर
पिछले एक सप्ताह में कई जिलों में हुई तेज बारिश ने प्रदेश के बारिश के आंकड़े को काफी सुधारा है। कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसका असर यह हुआ कि सीजन में पहली बार पूर्वी मध्य प्रदेश का आंकड़ा बेहतर स्थिति में पहुंचा था, हालांकि सोमवार तक यह फिर सामान्य से 1% नीचे आ गया।

अब मानसून सीजन के करीब 15 दिन ही बाकी हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश यह तय करेगी कि प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य के कितने करीब पहुंचता है। फिलहाल पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों की कमी और आलीराजपुर जैसे जिलों में बेहद कम बारिश पूरे प्रदेश के औसत पर असर डाल रही है।

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