एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई है। पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने का अनुमान है।
11 जिलों में हुई बारिश, मंडला में सबसे अधिक पानी गिरा
गुरुवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मंडला में करीब पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सिंगरौली में आधा इंच से अधिक और बालाघाट में लगभग आधा इंच पानी बरसा। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जुलाई के नौ दिनों में बदली तस्वीर
जून महीने में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी। अब प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक कुल 234.4 मिमी (9.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 212.3 मिमी (8.3 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
