लाल परेड ग्राउंड पर आज सजेगा मध्यप्रदेश का गौरव, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति से लेकर देशज व्यंजन मेले तक होंगे खास आयोजन
स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री लाल परेड ग्राउंड में आधुनिक कृषि प्रदर्शनी विकास दीर्घा महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन करेंगे। इन आयोजनों में प्रदेश की उपलब्धियों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा। आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज जैविक इनपुट्स स्मार्ट सिंचाई और एग्री स्टार्टअप्स से जुड़े नए प्रयोग देखने को मिलेंगे। महिला उद्यमिता मंडप और किसान बाजार में स्व-सहायता समूहों के उत्पाद हस्तशिल्प और स्थानीय वस्तुओं की प्रदर्शनी तथा बिक्री होगी।
शाम के मुख्य समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता गायिका मोनाली ठाकुर की संगीत प्रस्तुति होगी। मुंबई से आए कलाकारों के साथ वे सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगी। मोनाली ठाकुर बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गीतों के लिए जानी जाती हैं। फिल्म लुटेरा का सवार लूं और दम लगा के हईशा का मोह मोह के धागे उनके चर्चित गीतों में शामिल हैं। उनकी आवाज से स्थापना दिवस की शाम संगीतमय होगी। कार्यक्रम में 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन करेंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैंड राष्ट्रगान की प्रस्तुति देगा। समारोह का समापन आतिशबाजी के साथ होगा।
इस अवसर पर शिक्षा और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपए की छात्रवृत्ति और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। जिलों से चयनित विद्यार्थियों में खंडवा के छह विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं अशोकनगर बड़वानी नर्मदापुरम सिवनी सिंगरौली और उमरिया से चार-चार विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
किसानों के लिए भी इस बार स्थापना दिवस पर खास सौगात रखी गई है। किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे। इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेश के करीब 40 हजार किसानों ने भाग लिया था। चयनित किसानों को 55 ट्रैक्टर 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर दिए जाएंगे। प्रत्येक जिले से तीन विजेताओं का चयन किया गया है। भोपाल के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं पुरस्कार देंगे जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री सम्मानित करेंगे।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। लाल परेड ग्राउंड में राजा भोज के भोपाल विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की ओर से तैयार यह प्रदर्शनी शहर के ऐतिहासिक गौरव को सामने लाएगी। वहीं देशज व्यंजन मेले में मालवा निमाड़ बुंदेलखंड बघेलखंड और महाकौशल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। यह मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा।
मुख्य समारोह से पहले स्थापना दिवस के पूर्वरंग कार्यक्रमों के तहत भोपाल में सांस्कृतिक गौरव यात्राएं भी निकाली गईं। इनमें 400 से अधिक लोक और जनजातीय कलाकारों ने हिस्सा लिया। गोंड बैगा भील कोरकू सहरिया और भारिया जनजातियों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। करमा सैला भगोरिया मटकी घूमर भांगड़ा पंथी और लेझिम जैसे लोकनृत्यों ने शहर की सड़कों को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। इस तरह मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस संस्कृति विकास किसान कल्याण और प्रतिभाओं के सम्मान का बड़ा उत्सव बनने जा रहा है।
