June 14, 2026

इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा

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मध्यप्रदेश । इंदौर में लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी के बीच रविवार को प्री-मानसून गतिविधियों ने राहत पहुंचाई। अलसुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई, तेज हवाएं चलीं और बिजली कड़कने के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर में 29.1 मिमी यानी एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ उमस फिर महसूस होने लगी।

बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शनिवार रात न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 5 डिग्री कम रहा। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ था, लेकिन मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी।

शनिवार को दिनभर शहर में उमस का असर बना रहा और लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि रात में मौसम का मिजाज बदलने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रही।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय टर्फ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इंदौर सहित उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय पूरे मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी घटनाएं सामने आई हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से थोड़ी धीमी है और यह लगभग तीन से चार दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में मानसून के 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में जून माह के दौरान अब तक 55.2 मिमी यानी दो इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। महीने का आधा समय अभी बाकी है, ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून महीने में शहर में मानसून पूर्व अच्छी बारिश देखने को मिलती है और इस बार भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

इंदौर के मौसम इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश हुई थी। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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