फायर सेफ्टी की अनदेखी पर इंदौर में बड़ा एक्शन, अपोलो टावर की 600 से अधिक दुकानें और ऑफिस सील
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अपोलो टावर प्रबंधन को करीब तीन महीने पहले फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। भवन में सुरक्षा मानकों को लेकर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन तय समय सीमा के बाद भी व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया। इसके बाद निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को पूरी बिल्डिंग पर कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और फायर सेफ्टी जैसी गंभीर व्यवस्था में लापरवाही भारी पड़ सकती है।
अपोलो टावर इंदौर की प्रमुख व्यावसायिक इमारतों में शामिल है और इसे शहर के शुरुआती बड़े व्यावसायिक परिसरों में गिना जाता है। यहां बड़ी संख्या में दुकानें और कार्यालय संचालित होते हैं। ऐसे में एक साथ पूरी बिल्डिंग पर कार्रवाई होने से सैकड़ों कारोबारियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई। निगम की टीम के पहुंचने की खबर फैलते ही टावर में काम कर रहे लोगों और व्यापारियों के बीच हलचल तेज हो गई। कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराने लगे जबकि कुछ लोग जरूरी सामान को सुरक्षित करने में जुटे दिखाई दिए।
नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर में फायर सेफ्टी नियमों को लेकर कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि बड़े व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है और नोटिस मिलने के बावजूद यदि कमियों को दूर नहीं किया जाता है तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। निगम की टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर में अन्य व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा सकती है।
अपोलो टावर पर हुई कार्रवाई ने एक बार फिर शहर की व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। आग लगने जैसी किसी आपात स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने से बड़े हादसे की आशंका रहती है। ऐसे में नगर निगम अब केवल नोटिस देकर कार्रवाई सीमित रखने के बजाय सीधे सख्त कदम उठाता दिखाई दे रहा है। फिलहाल अपोलो टावर की 600 से अधिक दुकान और ऑफिस प्रभावित होने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है जबकि निगम की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
