September 30, 2026

कल्पना और नवजात की मौत से गरमाई सियासत, मंत्रालय के सामने धरना दे रहे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा पुलिस हिरासत में

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रीवा। मध्यप्रदेश की राजनीति में रीवा के संजय गांधी अस्पताल से जुड़ा कल्पना मिश्रा मौत मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भोपाल स्थित मंत्रालय के सामने धरना दे रहे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर लगे पोस्टर और बैनर भी हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस विधायक की हिरासत के बाद इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। अभय मिश्रा सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं और वे लंबे समय से रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले को उठा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सी सेक्शन के बाद कल्पना और उसके नवजात बच्चे दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई और दो डॉक्टरों तथा दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक को भी पद से हटाया गया और पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए गए। हालांकि कल्पना मिश्रा के परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और सख्त कार्रवाई की मांग पर लगातार अड़े हुए हैं।

इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन तेज कर दिया है। अभय मिश्रा मंत्रालय के सामने धरना देकर सरकार से मामले में ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने धरना स्थल से उन्हें हिरासत में ले लिया जिसके बाद कांग्रेस ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। मामला केवल कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत तक सीमित नहीं रहा है बल्कि संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सामने आ रहे अलग अलग आरोपों को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

अभय मिश्रा ने इससे पहले अस्पताल की पोस्टमॉर्टम व्यवस्था को लेकर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए थे और अस्पताल में निगरानी तथा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि इन आरोपों की किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक रिपोर्ट से पुष्टि सामने नहीं आई है। दूसरी ओर अस्पताल से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। एक मामले में मरीज को मृत घोषित किए जाने और बाद में उसके जीवित होने की बात सामने आने के बाद जांच की मांग उठी। इसके अलावा एक युवक को गलत इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप तथा एक महिला मरीज के इलाज और देखरेख में लापरवाही के आरोपों ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इनमें से कुछ आरोपों को निराधार बताया है और कई मामलों में जांच की बात कही गई है।

मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी सक्रिय हैं। उन्होंने रीवा में धरने के दौरान कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को भी निशाने पर लिया और जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सकता।

फिलहाल अभय मिश्रा को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ पीड़ित परिवार FIR और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है जबकि दूसरी ओर सरकार और अस्पताल प्रशासन जांच तथा पहले से की गई कार्रवाई का हवाला दे रहे हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है क्योंकि इसी से तय होगा कि कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है और पीड़ित परिवार को आखिर कब तक न्याय मिल पाता है।

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