ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई, CBI ने मांगा एक सप्ताह का समय
जबलपुर: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर मंगलवार को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। करीब तीन सप्ताह से लंबित याचिका पर अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
गिरिबाला सिंह फिलहाल जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए नियमित जमानत की मांग की है। मंगलवार की सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के सामने गिरिबाला सिंह की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत दिए जाने की दलील रखी।
गिरिबाला सिंह के वकील के मुताबिक, उनकी मुवक्किल की ओर से ऐसा कोई कृत्य नहीं किया गया है, जिसके आधार पर उन्हें अपराध में संलिप्त माना जाए। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि ट्विशा शर्मा ने आत्महत्या की थी। वकील ने गिरिबाला सिंह की ओर से किसी तरह की गलती किए जाने से इनकार किया।
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। एजेंसी ने कहा कि वह मामले की केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना चाहती है और जमानत याचिका पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराना चाहती है। इसके लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया।
अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद मामले की आगे की सुनवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। फिलहाल गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनकी जमानत का निर्णय अगली सुनवाई में CBI के जवाब और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ेगा।
मामले के अनुसार, ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। उनकी मौत के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और गिरिबाला सिंह तथा उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह जेल में हैं। इसी मामले में गिरिबाला सिंह की ओर से नियमित जमानत के लिए अदालत का रुख किया गया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष ने उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों को जमानत के पक्ष में रखा, जबकि CBI ने जवाब और केस डायरी प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा।
अदालत द्वारा अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिए जाने के बाद अब मामले में CBI का जवाब महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद अदालत जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों और जांच से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आगे सुनवाई करेगी। अभी पूर्व जज गिरिबाला सिंह को जमानत नहीं मिली है और वह न्यायिक हिरासत में हैं।
