ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर में 3 हजार लीटर दूध की खीर का महाभोग, 20 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रसाद
अचलेश्वर मंदिर में खीर तैयार करने का काम रात 12 बजे से शुरू किया जाएगा। इसके लिए करीब 40 हलवाई और अन्य कर्मचारियों की टीम लगाई जाएगी। खीर बनाने में लगभग 300 किलो चावल और 500 किलो शक्कर का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा मेवा और केसर भी मिलाए जाएंगे ताकि प्रसाद को विशेष रूप दिया जा सके। इतनी बड़ी मात्रा में खीर तैयार करने के लिए सामग्री की व्यवस्था पहले से की गई है। आयोजन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए आसपास के दर्जनों गांवों से दूध एकत्र करने की व्यवस्था बनाई गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश ऐरन के मुताबिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों के लिए अलग अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर समिति के करीब 3800 सदस्यों के लिए विशेष इंतजाम रहेगा। प्रत्येक सदस्य को 500 ग्राम खीर देने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके अतिरिक्त अन्य श्रद्धालुओं के लिए 5000 कूपन तैयार किए गए हैं। प्रसाद वितरण के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोकन प्रणाली अपनाई जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को प्रसाद प्राप्त करने में सुविधा होने की उम्मीद है।
शरद पूर्णिमा पर खीर का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन खीर बनाकर भगवान को अर्पित की जाती है और फिर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इसी आस्था के चलते देश के कई हिस्सों में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा की जाती है। ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में होने वाला यह आयोजन भी श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है। यहां भगवान अचलनाथ को खीर का महाभोग लगाने के बाद भक्तों के बीच प्रसाद बांटा जाएगा।
आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रसाद वितरण को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मंदिर समिति की ओर से सदस्यों दानदाताओं और श्रद्धालुओं के सहयोग से कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने की तैयारी है। खीर की उपलब्धता से लेकर पैकिंग और वितरण तक की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन के दौरान कतारों के प्रबंधन और टोकन व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी ताकि भीड़ के बीच अव्यवस्था न हो।
करीब 3 हजार लीटर दूध और बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री से तैयार होने वाला यह महाभोग अचलेश्वर मंदिर के शरद पूर्णिमा आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। 50 से अधिक गांवों के सहयोग से जुटाई गई सामग्री इस आयोजन में स्थानीय सहभागिता को भी दर्शाती है। मंदिर समिति को उम्मीद है कि श्रद्धालु भगवान अचलनाथ के दर्शन कर खीर का प्रसाद प्राप्त करेंगे और धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे। शरद पूर्णिमा के अवसर पर ग्वालियर में यह आयोजन आस्था और सामूहिक सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बनने जा रहा है।
