ग्वालियर: PM आवास की पानी टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फेस वन के ब्लॉक ई 52 की टंकी में पानी की क्वॉलिटी पर पहले से ही शक था। पानी में गंदगी और बदबू महसूस होने के बाद कुछ लोगों ने टंकी की जांच की। ढक्कन खोलने पर टंकी में मरी हुई छिपकलियां पाई गईं। रहवासियों ने इन्हें बाहर निकाला और पूरे घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कॉलोनी निवासी अनिक राभास नीलकमल मुदगल ने बताया कि टंकी में मरी छिपकलियों को उन्होंने बाहर निकाला और घटना का वीडियो भी बनाया। उनका कहना है कि कॉलोनी में सफाई और रखरखाव की स्थिति बहुत खराब है। नगर निगम की ओर से पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं हैं और महीनों से कचरा नहीं उठाया गया।
रहवासी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अच्छे घर बने हैं, लेकिन नगर निगम की लापरवाही के कारण उनका सही उपयोग नहीं हो पा रहा। विकास तोमर ने बताया कि पिछले महीने नगर निगम और कलेक्टर को शिकायत देने के बाद सिर्फ दो टंकियों की सफाई हुई, जबकि 45 से अधिक टैंक अभी भी गंदे पड़े हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश घरों में आरओ या फिल्टर सिस्टम नहीं है और सीधे टंकी का पानी पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। इस घटना के बाद कई परिवारों ने टंकी का पानी पीना बंद कर दिया और बाहर से आरओ या कैन का पानी मंगाने लगे हैं।
फ्लैटों में रहने वालों का आरोप है कि पिछले दो साल से पानी टंकी की नियमित सफाई नहीं हुई। ढक्कन भी ठीक से बंद नहीं है, जिससे कीड़े मकोड़े या अन्य जीव अंदर गिर सकते हैं। कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या बताई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इंदौर में हुई घटना के बाद ग्वालियर में भी टंकियों की सफाई और ढकने की व्यवस्था कराई गई थी।
