June 7, 2026

रिकॉर्ड भाव पर पहुंचा सोना, फिर भी नहीं टूटा ग्राहकों का भरोसा; हल्के गहनों की बढ़ी मांग

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नई दिल्ली । शादी-ब्याह के सीजन की शुरुआत होने वाली है, लेकिन इस बार सराफा बाजार में उत्साह के साथ-साथ चिंता भी दिखाई दे रही है। सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। इसके बावजूद जरूरत और परंपरा के कारण लोग सोने की खरीदारी से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर सराफा कारोबारी कारोबार में आई मंदी से परेशान नजर आ रहे हैं।

भोपाल के सराफा बाजार में ग्राहकों का कहना है कि चाहे कीमतें कितनी भी बढ़ जाएं, शादी और पारिवारिक जरूरतों के लिए सोना खरीदना मजबूरी बन जाता है। कई ग्राहकों ने कहा कि सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि सामाजिक परंपरा और भविष्य की सुरक्षा का भी माध्यम है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री या विशेषज्ञ निवेश के दूसरे विकल्पों की सलाह दे सकते हैं, लेकिन भारतीय परिवारों में शादी के अवसर पर सोना खरीदने की परंपरा आज भी मजबूत है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को निवेश के लिए केवल सोने पर निर्भर नहीं रहने और अन्य वित्तीय विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी थी। हालांकि बाजार में इसका सीमित असर दिखाई दे रहा है। ग्राहक मानते हैं कि निवेश के लिए विकल्प हो सकते हैं, लेकिन शादी-ब्याह और पारिवारिक आयोजनों में सोने का महत्व अभी भी कम नहीं हुआ है।

दूसरी ओर सराफा व्यापारियों की स्थिति कुछ अलग है। कारोबारियों का कहना है कि सोने के दाम बढ़ने से ग्राहकों की खरीद क्षमता प्रभावित हुई है। पहले जहां लोग भारी और पारंपरिक आभूषण खरीदते थे, वहीं अब हल्के वजन वाले डिजाइनर जेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कई ग्राहक बजट को ध्यान में रखते हुए कम वजन के आभूषण चुन रहे हैं।

व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में कारोबार में लगभग 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि शादी सीजन शुरू होने के बावजूद बाजार में अपेक्षित रौनक नहीं दिख रही है। ग्राहक दुकानों तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीदारी का आकार पहले की तुलना में काफी छोटा हो गया है।

एक और बड़ा बदलाव कैरेट के चयन में देखने को मिल रहा है। पहले जहां अधिकांश ग्राहक 18 कैरेट या उससे अधिक शुद्धता वाले आभूषण खरीदना पसंद करते थे, वहीं अब कम कीमत वाले विकल्पों की मांग बढ़ी है। कई ग्राहक 9 कैरेट और हल्के वजन के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं ताकि बजट के भीतर खरीदारी की जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोने की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही तो आने वाले समय में ग्राहकों की खरीदारी की आदतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि भारतीय समाज में सोने का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व इतना गहरा है कि इसकी मांग पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।

फिलहाल भोपाल सहित प्रदेश के कई शहरों के सराफा बाजारों में यही तस्वीर दिखाई दे रही है। ग्राहक जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं, जबकि व्यापारी बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। शादी सीजन के आगामी महीनों में बाजार की वास्तविक स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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