September 14, 2026

गणेश चतुर्थी पर भव्य होंगे बप्पा के दरबार खजराना में स्वर्ण आभूषण तो बड़ा गणपति में 101 किलो का भोग

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इंदौर । गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आज मध्य प्रदेश में घर घर गणपति बप्पा विराजेंगे। शहरों से लेकर गांवों तक भगवान गणेश की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इंदौर उज्जैन और प्रदेश के दूसरे प्रमुख गणेश मंदिरों में भी विशेष पूजा अर्चना और आकर्षक श्रृंगार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है और पूरे माहौल में गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं।

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान का बेहद भव्य श्रृंगार किया जाएगा। बप्पा को करीब 7 करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे। इससे पहले ब्रह्म मुहूर्त में भगवान गणेश को हीरे जड़ित नेत्र धारण कराए गए। मंदिर में हर दिन अलग और आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मंदिर पहुंचकर ध्वज पूजन किया। अधिकारियों ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इंदौर के ही पश्चिम क्षेत्र में स्थित बड़ा गणपति मंदिर भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। मंदिर की विशाल गणेश प्रतिमा करीब 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी है। इस वर्ष मंदिर के 125 वर्ष पूरे होने के कारण गणेशोत्सव का उत्साह और भी खास है। गणेश चतुर्थी पर भगवान को करीब 101 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। यह भोग शुद्ध गाय के घी से तैयार किया गया है। इसमें अलग अलग आकार के लड्डू शामिल होंगे।

बड़ा गणपति मंदिर में रोजाना रात 9 बजे एक घंटे की संगीतमय आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में आने और जाने के लिए अलग अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भक्तों को निर्धारित समय के अनुसार भगवान के दर्शन कराए जाएंगे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर की परंपरा भी गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहती है। यहां भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाने की मान्यता है। श्रद्धालु मनोकामना लेकर मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। खासतौर पर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले लोग इस परंपरा का पालन करते हैं। मान्यता पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।

चिंतामन गणेश मंदिर में श्रद्धालु रक्षा सूत्र भी बांधते हैं और मनोकामना पूरी होने के बाद उसे खोलने के लिए वापस आते हैं। मंदिर परिसर में तुलादान की भी परंपरा है। कई श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने पर अनाज लड्डू या अन्य प्रसाद से तुलादान करते हैं। कुछ परिवार संतान प्राप्ति के बाद बच्चे के वजन के बराबर लड्डुओं का तुलादान कर प्रसाद भक्तों में बांटते हैं।

इस तरह गणेश चतुर्थी पर मध्य प्रदेश के प्रमुख गणेश मंदिरों में आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। घरों से लेकर मंदिरों तक हर जगह बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हैं और श्रद्धालु गणपति से सुख समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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