August 23, 2026

इंदौर सट्टा मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच का दायरा बढ़ाया

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मध्य प्रदेश : के इंदौर में सामने आए सट्टा मटका मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम जांच में सामने आने के बाद पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ाया है। पुलिस के अनुसार नाना पटवारी के मोबाइल फोन से मिले डेटा और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े सुरागों ने मामले में कई नए कनेक्शन सामने लाए हैं।

जांच के दौरान पुलिस को नाना पटवारी के मोबाइल फोन से दो ऑनलाइन सट्टा एप से संबंधित जानकारी मिली। आरोप है कि क्रिकेट बेटिंग के लिए उन्हें एक व्यक्ति के माध्यम से आईडी उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस का कहना है कि संबंधित आईडी बाद में डिलीट कर दी गई, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उससे जुड़े कुछ डिजिटल सुराग सामने आए। इन्हीं सुरागों के आधार पर जांच एजेंसियां नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में सौम्य प्रीत शिंदे समेत तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र नगर निवासी राहुल निंबोला और रावजी बाजार क्षेत्र का धर्मेंद्र खींची शामिल हैं। जांच में सौम्य प्रीत शिंदे की भूमिका ऑनलाइन सट्टा एप और आईडी उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के तौर पर सामने आने की बात कही गई है।

जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल उपकरणों की पड़ताल के जरिए सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मनीष पमनानी, पिंकेश माहेश्वरी और बंटी असरानी जैसे नामों से जुड़े संभावित कनेक्शनों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा धर्मेंद्र खींची और राहुल निंबोला के विदेशी सट्टेबाजों से कथित संपर्क तथा जूनी इंदौर क्षेत्र के एक अन्य संदिग्ध से संबंधों की भी पड़ताल जारी है।

पुलिस जांच में इस सट्टा नेटवर्क के विदेशों से जुड़े होने के संकेत मिलने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार गिरोह से जुड़े कुछ लोग दुबई और अन्य देशों में मौजूद सट्टेबाजों या बुकियों के संपर्क में हो सकते हैं। विदेशी नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा एप और वेबसाइट के लिंक भारत में सक्रिय लोगों तक पहुंचाए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।

मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए सामान्य जुआ संबंधी प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। संगठित तरीके से सट्टा संचालन की आशंका को देखते हुए पुलिस डिजिटल लेनदेन, मोबाइल डेटा और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही है।

नाना पटवारी की भूमिका को लेकर पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों के अनुसार उनका नाम जांच में सामने आने के बाद उनकी भूमिका और कथित संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का जोर इस बात का पता लगाने पर है कि स्थानीय स्तर पर संचालित नेटवर्क का विदेशी सट्टेबाजों से किस तरह संपर्क था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इसका संचालन कैसे किया जा रहा था।

जांच के आगे बढ़ने के साथ पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच तथा संभावित आर्थिक लेनदेन के जरिए पूरे नेटवर्क की संरचना समझने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

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