देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार
मामला तब सामने आया जब मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश जोशी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक और दो जुलाई की दरमियानी रात अज्ञात बदमाश मंदिर परिसर से दानपेटी उठाकर ले गए। दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब दो हजार रुपए की नकदी रखी हुई थी। धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। इसी दौरान आईटीआई ग्राउंड में दानपेटी टूटी हुई अवस्था में मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत क्षेत्र में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीन युवकों की पहचान की गई।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहित उर्फ लक्की रघुवंशी, खुशाल उर्फ खुशी मुकुन्दे और तोषिफ खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दानपेटी से चोरी की गई पूरी नकदी बरामद कर ली। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव हो रहा है। इसी वजह से इस मामले का खुलासा बेहद कम समय में हो सका।
देवास पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक स्थलों, दुकानों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। पुलिस ने बताया कि इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया सहित जांच टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
