दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई
वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे कार्यकर्ता का व्यक्तिगत और अतिउत्साह में दिया गया बयान बताते हुए अपना पक्ष रखा है। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो दतिया जिले के बड़ौनी क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।
क्या है वायरल वीडियो में?
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक कथित तौर पर मंत्री से कहता दिखाई देता है कि वह “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और लोगों को पकड़कर मतदान कराएंगे।” इस दौरान मंत्री युवक की पीठ थपथपाते नजर आते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग राजनीतिक दल इसे लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि डर, दबाव और हिंसा की भाषा लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है। उनका कहना है कि यदि वीडियो में कही गई बातें सही हैं तो यह निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।
भाजपा का पक्ष
विवाद बढ़ने पर भाजपा की ओर से भी सफाई सामने आई। वरिष्ठ नेता डॉ. रामजी खरे ने कहा कि कई बार कार्यकर्ता जोश में इस तरह की बातें कह देते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक रुख पूरी तरह लोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से लोगों से मतदान की अपील करती है तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति का समर्थन नहीं करती।
फिलहाल, दतिया उपचुनाव के बीच वायरल वीडियो को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। कांग्रेस इसे चुनावी आचार-विचार से जोड़कर भाजपा पर निशाना साध रही है, जबकि भाजपा इसे एक कार्यकर्ता के व्यक्तिगत बयान तक सीमित बता रही है।
