October 25, 2026

हाथों में हथकड़ी फिर भी बेफिक्र आरोपी! भोपाल जिला अदालत के बाहर सिगरेट पीने और फोन चलाने का वीडियो वायरल

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भोपाल । भोपाल की जिला अदालत के बाहर पुलिस अभिरक्षा में मौजूद हथकड़ी पहने एक आरोपी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सिगरेट पीते हुए और मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए दिखाई दे रहा है। घटना का वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है जो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो के प्रसारित होने के बाद यह सवाल चर्चा में है कि अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को इस तरह की सुविधाएं कैसे मिल रही थीं।

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति के हाथों में हथकड़ी लगी दिखाई देती है। इसके बावजूद वह सामान्य अंदाज में सिगरेट पीता हुआ मोबाइल फोन पर बात करता नजर आ रहा है। वीडियो में आसपास पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखाई देते हैं। ऐसे में यह मामला पुलिस अभिरक्षा के दौरान निगरानी और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन से जुड़ा सवाल बन गया है।

पुलिस अभिरक्षा में किसी आरोपी को अदालत में पेश करने या उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में हथकड़ी लगे व्यक्ति के हाथ में मोबाइल फोन दिखाई देना और उसका सिगरेट पीना कई सवाल खड़े करता है। सबसे अहम सवाल यह है कि मोबाइल फोन उसे किसने उपलब्ध कराया और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में वह कितनी देर तक इसका इस्तेमाल करता रहा। हालांकि केवल वायरल वीडियो के आधार पर यह स्पष्ट नहीं किया जा सकता कि घटना से पहले और बाद में क्या परिस्थितियां थीं या मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी क्या थी।

इस मामले में आरोपी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो किस समय बनाया गया और उस दौरान आरोपी को अदालत परिसर के बाहर किस मामले में लाया गया था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी किस थाने या पुलिस इकाई से संबंधित थे इसकी जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है। इसलिए वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम के सभी पहलुओं की पुष्टि होना अभी बाकी है।

मामले को लेकर एक और महत्वपूर्ण सवाल संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और जवाबदेही का है। यदि वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियां सही हैं तो यह जांच का विषय होगा कि आरोपी को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति किन परिस्थितियों में मिली और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया या नहीं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वीडियो की प्रामाणिकता और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक जांच जरूरी होगी।

फिलहाल भोपाल पुलिस कमिश्नरेट की ओर से इस मामले में किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो की जांच की जाती है या नहीं और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर कोई स्पष्टीकरण जारी होता है या नहीं। वीडियो ने अदालत परिसर के बाहर पुलिस अभिरक्षा में निगरानी की व्यवस्था को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।

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