March 8, 2026

भोपाल: कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ DPSS ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत, FIR दर्ज करने की मांग

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भोपाल। भोपाल में दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) ने कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ भोपाल पुलिस कमिश्नर और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायतें देकर FIR दर्ज करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि शास्त्री के बयानों से समाज में अंधविश्वास फैल रहा है और झूठे इलाज के कारण लोगों की जान जा रही है। DPSS ने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173(4) के तहत यह शिकायत की है।
DPSS के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने प्रमाण सहित वीडियो सबूत (QR कोड के रूप में) जमा किए हैं, जो शास्त्री के चैनलों पर मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शास्त्री सांप्रदायिकता, छुआछूत और अंधविश्वास फैला कर लोगों को मेडिकल साइंस से दूर कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जा रही है। दामोदर यादव ने कहा कि यह मामला BNS की धारा 196-197, 202-272 समेत कई धाराओं के तहत आता है और उनके खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से आश्वासन मिलने का दावा किया कि दो दिन में कार्रवाई की जाएगी, अन्यथा वे हाईकोर्ट जबलपुर के माध्यम से कदम उठाएंगे।

दामोदर यादव ने शास्त्री के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शास्त्री ने तिरंगे में चांद दिखाने और स्वास्तिक बनाने का संदर्भ दिया था, जिस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तिरंगे में चांद या स्वास्तिक नहीं देखना चाहते, बल्कि केवल सम्राट अशोक के चक्र को ही सम्मान देंगे।

उन्होंने कहा कि भारत संविधान के तहत ही चलेगा और किसी भी सांप्रदायिक सपना को वे बनने नहीं देंगे।

DPSS ने एक संकल्प यात्रा भी शुरू करने की घोषणा की है, जो बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर से शुरू होकर भोपाल में पहले चरण के बाद ग्वालियर तक जाएगी। दामोदर यादव ने कहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति को लेकर विवाद बढ़ा है और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में वर्ग संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को वे कांशीराम जी की जयंती से पहले ग्वालियर पहुंचेंगे और अगर सरकार बाबा साहब की मूर्ति नहीं लगाती है तो वे खुद स्थापना करेंगे।

29 तारीख को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर यात्रा आएगी और वहां से मुख्यमंत्री निवास तक ज्ञापन दिया जाएगा।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक वीडियो (पत्रिका एमपी) में धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों को “हाथों में हथियार उठाने” और कानूनी प्रक्रिया के बाहर जाकर घरों पर बुलडोजर चलाने जैसी बातें कही हैं, जो समाज में हिंसा और अराजकता फैलाने वाला है। DPSS ने इसे BNS की धारा 196 (समूहों के बीच वैमनस्य) एवं 197 (राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध कृत्य) के तहत दंडनीय बताया है।

संगठन ने आरोप लगाया कि संस्कार टीवी पर शास्त्री ने स्टेज-4 कैंसर का 100% इलाज गोमूत्र और हल्दी से करने का दावा किया, जिससे वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियों को हतोत्साहित किया गया। DPSS के अनुसार यह BNS की धारा 272 तथा Drugs and Magic Remedies Act, 1954 की धारा 3 व 4 का उल्लंघन है।

शिकायत में नीलम देवी नामक महिला की मौत का भी उल्लेख है, जिनके परिजनों ने शास्त्री के कथित आश्वासनों पर भरोसा कर पांच महीनों तक डायलिसिस जैसे जीवनरक्षक इलाज को छोड़ दिया और अनुष्ठान कराए, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

DPSS की मांग है कि धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच हो और अंधविश्वास, हिंसा व भय फैलाने वाले कृत्यों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

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