October 15, 2026

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व, उज्जैन के प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया बने कुलगुरु, नियुक्ति आदेश जारी

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भोपाल । भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय यानी बीयू को नया कुलगुरु मिल गया है। मध्य प्रदेश के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया को विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु नियुक्त किया है। इस संबंध में 14 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया। नियुक्ति के साथ ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी अब प्रोफेसर बेड़िया के पास होगी। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से चार वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा। इन दोनों में से जो भी अवधि पहले पूरी होगी उसी के आधार पर उनका कार्यकाल समाप्त होगा। इस नियुक्ति को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया वर्तमान में उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंधन संस्थान में व्यवसाय प्रबंधन के प्रोफेसर हैं। अब उन्हें प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुलगुरु का पद किसी भी विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस पद पर नियुक्त व्यक्ति संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्था का नेतृत्व करता है। पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने से लेकर विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन और प्रशासनिक फैसलों तक कुलगुरु की भूमिका अहम रहती है। ऐसे में प्रोफेसर बेड़िया के सामने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक प्रोफेसर बेड़िया का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से चार साल के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि यदि इस अवधि के दौरान उनकी उम्र 70 वर्ष पूरी हो जाती है तो उनका कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। इसका अर्थ है कि चार साल की अवधि और 70 वर्ष की आयु में से जो भी पहले पूरी होगी वही नियुक्ति की अंतिम समय सीमा होगी। उनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 13 की उपधारा एक के तहत की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी सेवा शर्तें और अन्य नियम विश्वविद्यालय के परिनियम एक के अनुसार निर्धारित होंगे।

नियुक्ति आदेश में पुलिस सत्यापन और शैक्षणिक सहित अन्य दस्तावेजों की जांच से जुड़ी शर्तें भी शामिल की गई हैं। प्रोफेसर बेड़िया को अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार यदि सत्यापन के दौरान उन्हें सेवा के लिए अयोग्य पाया जाता है तो उनकी नियुक्ति समाप्त की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति आदेश की प्रतियां मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित विश्वविद्यालयों सहित अन्य अधिकारियों को भेजी गई हैं। आदेश को राजपत्र में प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में शामिल है। नए कुलगुरु की नियुक्ति के बाद विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर नजर रहेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कामकाज का समन्वय भी कुलगुरु की जिम्मेदारियों में शामिल होगा। प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया के पदभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय के आगामी कार्यक्रमों और प्रशासनिक दिशा को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल राज्यपाल की ओर से उनकी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया है और निर्धारित नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


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