भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन
अमित शाह ने अपने दौरे की शुरुआत भेल दशहरा मैदान में मध्य प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ की। इस प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों से जुड़े प्रावधानों और पुलिस व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला डीजीपी कैलाश मकवाना और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
गोपालक सम्मेलन को लेकर प्रदेश के अलग अलग जिलों से किसान और पशुपालक भोपाल पहुंचे हैं। कई किसान बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। सम्मेलन में महिलाओं और युवा किसानों की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि सरकार की योजनाओं से उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में मदद मिली है और कई परिवारों ने गाय और भैंस पालन को आय का माध्यम बनाया है।
कार्यक्रम में किसानों की अपनी मांगें भी सामने आई हैं। सीहोर से पहुंचे किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल को लेकर मुआवजे की मांग उठाई। वहीं बरसिया क्षेत्र से आए एक किसान ने छोटे किसानों को खाद मिलने में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। किसान का कहना था कि बड़े किसानों के लिए खाद के स्लॉट आसानी से मिल जाते हैं जबकि छोटे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे साफ है कि सम्मेलन में सरकारी योजनाओं के साथ किसानों की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सम्मेलन में दूध उत्पादन को लेकर सरकार की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में 50 लाख लीटर दूध के कलेक्शन तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। सांची के माध्यम से दूध को बाजार तक पहुंचाने की बात भी कही गई। सरकार की ओर से इस पहल को पशुपालकों की आय और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमित शाह के भोपाल दौरे में पुलिस व्यवस्था भी प्रमुख विषय है। वे केंद्र और राज्य के पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक करेंगे। इसके अलावा भौंरी में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है।
शाह के दौरे को देखते हुए भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एमपी नगर सहित कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सड़क किनारे खड़े वाहनों और रेहड़ी खोमचों को भी हटाया गया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले किसानों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
इस तरह अमित शाह का भोपाल दौरा गोपालक सम्मेलन पुलिस व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों से जुड़ा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि सम्मेलन के दौरान पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को लेकर सरकार की ओर से आगे कौन से ऐलान किए जाते हैं।
