June 20, 2026

भोपाल से लापता 6 साल का मासूम मथुरा में मिला सुरक्षित, अकेले ट्रेन में पहुंचा, 100 से ज्यादा जवानों की मेहनत लाई रंग

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मध्य प्रदेश।  की राजधानी भोपाल से लापता हुए छह वर्षीय मासूम अंश मैना के सुरक्षित मिलने से उसके परिवार के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। चार दिनों तक चली व्यापक तलाश और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के बाद बच्चे को उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि समय पर की गई सतर्कता और समन्वित कार्रवाई किसी भी चुनौतीपूर्ण मामले में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।

जानकारी के अनुसार अंश अपनी मां के साथ भोपाल के रॉयल मार्केट क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल आया था। उसकी मां का उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह अस्पताल परिसर से बाहर निकलने के बाद बच्चा वापस नहीं लौटा, जिसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच में बच्चा एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के साथ दिखाई दिया। पुलिस ने उस व्यक्ति तक पहुंचकर पूछताछ की तो पता चला कि दोनों कुछ दूरी तक साथ रहे थे, लेकिन बाद में अलग हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की गतिविधियों का क्रमवार पता लगाने के लिए शहरभर के कैमरों और स्थानीय सूचनाओं का सहारा लिया।

जांच में सामने आया कि अंश नवबहार सब्जी मंडी क्षेत्र से अलग होने के बाद अकेले ही आगे बढ़ता रहा। वह शहर के कई व्यस्त इलाकों से गुजरते हुए करीब चार किलोमीटर तक पैदल चलता रहा। इसके बाद वह भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंच गया। स्टेशन के निगरानी कैमरों की फुटेज में बच्चा अकेले प्लेटफॉर्म पर घूमते और बाद में पातालकोट एक्सप्रेस में सवार होते हुए दिखाई दिया।

जैसे ही पुलिस को यह महत्वपूर्ण सुराग मिला, रेलवे अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल को तत्काल अलर्ट जारी किया गया। ट्रेन के संभावित मार्ग और स्टेशनों की जानकारी साझा की गई ताकि बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढा जा सके। विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करते हुए रेलवे नेटवर्क के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।

इसी दौरान मथुरा रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की नजर ट्रेन में अकेले बैठे एक बच्चे पर पड़ी। पूछताछ और प्रारंभिक सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि वह भोपाल से लापता अंश ही है। जवानों ने उसे तत्काल सुरक्षा में लिया और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं शुरू की गईं।

भोपाल पुलिस की एक टीम मथुरा पहुंची और स्थानीय बाल कल्याण अधिकारियों के सहयोग से बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर वापस भोपाल लाई। अधिकारियों के अनुसार बच्चे के साथ किसी प्रकार की आपराधिक घटना या अपहरण जैसी स्थिति के संकेत नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वह भटकते हुए रेलवे स्टेशन पहुंच गया था और अनजाने में ट्रेन में सवार हो गया।

इस पूरे अभियान में शहर के कई थानों की पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य संबंधित एजेंसियों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं जवानों ने भाग लिया। लगातार चार दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बच्चे का सुरक्षित मिलना न केवल परिवार के लिए राहत भरी खबर है, बल्कि यह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता तथा समन्वित कार्यप्रणाली का भी महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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