खाना खाने के बाद भी पेट में होती है तेज गुड़गुड़ तो समझिए शरीर दे रहा है संकेत जानिए गैस से लेकर पाचन तक पूरी वजह
नई दिल्ली । पेट में गुड़गुड़ की आवाज आना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। खासकर जब पेट काफी देर से खाली हो तो यह आवाज ज्यादा स्पष्ट सुनाई देती है। कई बार यह आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास बैठे लोग भी इसे सुन लेते हैं। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर इसे सिर्फ भूख से जोड़कर देखते हैं लेकिन पेट की गुड़गुड़ाहट के पीछे केवल भूख ही जिम्मेदार नहीं होती। पाचन तंत्र की लगातार चलने वाली गतिविधियां भी इस आवाज की बड़ी वजह हो सकती हैं।
हमारा पाचन तंत्र भोजन करने के बाद ही सक्रिय नहीं होता बल्कि पेट और आंतों में लगातार हलचल चलती रहती है। जब हम खाना खाते हैं तो पेट और आंतों की मांसपेशियां भोजन और तरल पदार्थ को आगे बढ़ाने का काम करती हैं। इस प्रक्रिया को पेरिस्टालसिस कहा जाता है। पेट खाली होने के दौरान भी इन मांसपेशियों में समय समय पर संकुचन होता रहता है। इसी दौरान गैस और तरल पदार्थ आंतों में आगे बढ़ते हैं और इनके कारण गुड़गुड़ जैसी आवाज सुनाई देती है।
खाली पेट यह आवाज ज्यादा सुनाई देने का एक बड़ा कारण यह है कि उस समय पेट में भोजन कम या नहीं होता। भोजन मौजूद रहने पर आंतों की गतिविधियों से पैदा होने वाली आवाज कुछ हद तक दब जाती है लेकिन खाली पेट में वही आवाज अधिक स्पष्ट हो जाती है। भूख के दौरान शरीर में होने वाले कुछ हार्मोनल बदलाव भी पाचन तंत्र की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए लंबे समय तक कुछ न खाने पर पेट में हलचल और आवाज ज्यादा महसूस हो सकती है।
पेट की गुड़गुड़ाहट में गैस की भी अहम भूमिका हो सकती है। खाना खाते समय ज्यादा हवा निगलने या बहुत तेजी से खाने पर पाचन तंत्र में हवा बढ़ सकती है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थ भी गैस बनने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। जब गैस आंतों के अंदर आगे बढ़ती है तो उससे भी आवाज पैदा होती है। कब्ज अपच और खानपान में अचानक बदलाव के कारण भी आंतों की सामान्य गतिविधि प्रभावित हो सकती है और पेट में आवाज ज्यादा आने लगती है।
हालांकि हर बार पेट में गुड़गुड़ होना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। अगर केवल आवाज आती है और इसके साथ किसी तरह की परेशानी नहीं है तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर पेट में लगातार तेज आवाज के साथ दर्द उल्टी दस्त पेट फूलना या मल त्याग में परेशानी जैसी समस्या भी हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है क्योंकि कुछ मामलों में ये लक्षण पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।
पेट को स्वस्थ रखने के लिए खानपान की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। भोजन को धीरे धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं। बहुत लंबे समय तक भूखे रहने से बचें और दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें। संतुलित आहार लें और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। अगर किसी व्यक्ति को पेट से जुड़ी समस्या बार बार हो रही है तो खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
