June 18, 2026

40 साल से पहले मेनोपॉज बना सकता है दिल का दुश्मन, महिलाओं में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बढ़ रहा खतरा

0
untitled-1781702464

नई दिल्ली । महिलाओं के जीवन में मेनोपॉज एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, लेकिन यदि यह सामान्य उम्र से पहले शुरू हो जाए तो इसके गंभीर स्वास्थ्य परिणाम सामने आ सकते हैं। हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने इस विषय को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, 40 वर्ष की उम्र से पहले मेनोपॉज का अनुभव करने वाली महिलाओं में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में काफी बढ़ जाता है।

मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में 26 देशों की 1.11 लाख से अधिक महिलाओं के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि जिन महिलाओं में 40 से 44 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज हुआ, उनमें सामान्य उम्र में मेनोपॉज होने वाली महिलाओं की तुलना में हृदय रोगों का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निष्कर्ष महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

भारत की स्थिति इस मामले में और भी चिंताजनक बताई गई है। अध्ययन में शामिल भारतीय महिलाओं के आंकड़ों से पता चला कि बड़ी संख्या में महिलाओं को समय से पहले या अपेक्षाकृत कम उम्र में मेनोपॉज का सामना करना पड़ रहा है। शोध के अनुसार लगभग 18 प्रतिशत महिलाओं में प्रीमैच्योर मेनोपॉज देखा गया, जबकि एक बड़ी संख्या 40 से 44 वर्ष की आयु में ही मेनोपॉज के चरण में पहुंच गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय महिलाओं को इस समस्या के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मेनोपॉज से पहले महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहता है, जो हृदय और रक्त वाहिकाओं को सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन जैसे-जैसे मेनोपॉज की प्रक्रिया शुरू होती है, एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है। इसके परिणामस्वरूप हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। यही कारण है कि समय से पहले मेनोपॉज महिलाओं को कम उम्र में ही हृदय संबंधी समस्याओं की ओर धकेल सकता है।

शोध में यह भी सामने आया कि दक्षिण एशियाई देशों की महिलाओं में मेनोपॉज की औसत उम्र वैश्विक औसत से कम है। विशेषज्ञ इसके पीछे कई कारण बताते हैं, जिनमें लगातार बढ़ता तनाव, धूम्रपान, प्रदूषण, खराब खानपान, नींद की कमी, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी अन्य समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा एनीमिया, पोषण की कमी, कम उम्र में विवाह और बार-बार गर्भधारण जैसे सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारक भी महिलाओं में जल्दी मेनोपॉज की वजह बन सकते हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि समय से पहले मेनोपॉज का सामना करने वाली महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। हार्ट हेल्थ, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी के साथ-साथ मेनोपॉज संबंधी स्क्रीनिंग भी जरूरी है। समय रहते पहचान और उचित जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञ महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। क्योंकि स्वस्थ जीवनशैली ही समय से पहले मेनोपॉज और उससे जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *