HIV से बचाव का बदला तरीका 8 हफ्ते में लगने वाले इंजेक्शन ने रोज की गोली को दी चुनौती स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे
HIV शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करने वाला वायरस है। संक्रमण से बचाव के लिए ऐसे लोगों को प्री एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस यानी PrEP दिया जा सकता है जिन्हें HIV संक्रमण का जोखिम अधिक हो। लंबे समय से इसके लिए रोजाना दवा लेने का विकल्प इस्तेमाल किया जाता रहा है। रोज गोली लेने की व्यवस्था में सबसे बड़ी चुनौती नियमितता की होती है क्योंकि कई बार लोग किसी दिन दवा लेना भूल सकते हैं। ऐसे में लंबे समय तक असर करने वाला इंजेक्शन एक वैकल्पिक तरीका हो सकता है।
कैबोटेग्राविर इसी तरह का इंजेक्शन है जिसे लगभग 8 सप्ताह के अंतर पर लगाया जाता है। उपलब्ध स्टडी में कुल 4566 लोगों को शामिल किया गया था। प्रतिभागियों को अलग अलग समूहों में रखा गया जिसमें एक समूह को हर 8 सप्ताह में कैबोटेग्राविर का इंजेक्शन दिया गया जबकि दूसरे समूह को रोजाना HIV से बचाव की गोली दी गई। अध्ययन के दौरान इंजेक्शन वाले समूह में 13 लोगों में HIV संक्रमण पाया गया जबकि रोज गोली लेने वाले समूह में 39 संक्रमण दर्ज किए गए। शोधकर्ताओं के निष्कर्ष के अनुसार इंजेक्शन ने HIV से बचाव में बेहतर प्रभाव दिखाया।
महिलाओं में भी इस इंजेक्शन की प्रभावशीलता को लेकर अध्ययन किया गया। इसमें 3224 महिलाओं को शामिल किया गया था। हर 8 सप्ताह में कैबोटेग्राविर लेने वाले समूह में HIV संक्रमण के 4 मामले सामने आए जबकि रोजाना गोली लेने वाले समूह में 36 मामले दर्ज किए गए। इन परिणामों ने लंबे समय तक असर करने वाले HIV प्रिवेंशन इंजेक्शन की संभावित उपयोगिता को सामने रखा।
हालांकि इन नतीजों का यह मतलब नहीं है कि HIV की मौजूदा दवाओं की जरूरत खत्म हो गई है। कैबोटेग्राविर का इस्तेमाल HIV से संक्रमित व्यक्ति के इलाज के लिए नहीं किया जाता। यह उन लोगों के लिए बचाव का विकल्प है जिन्हें HIV संक्रमण का खतरा है और जिनके लिए डॉक्टर PrEP की सलाह देते हैं। अगर किसी व्यक्ति को पहले से HIV संक्रमण है तो उसके लिए डॉक्टर की निगरानी में अलग उपचार की जरूरत होती है।
इंजेक्शन लेने से पहले HIV की स्थिति की जांच और चिकित्सकीय सलाह जरूरी होती है। इसके अलावा इंजेक्शन की अगली खुराक समय पर लेना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए स्टडी के सकारात्मक परिणामों के बावजूद इसे अपनी मर्जी से इस्तेमाल करने के बजाय योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही PrEP का विकल्प चुनना चाहिए।
