August 12, 2026

पेट साफ न होने से त्वचा पर पड़ता है बुरा असर कब्ज के कारण मुंहासे और दाग-धब्बे संभव

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नई दिल्ली । मानव स्वास्थ्य में पाचन तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालिया चिकित्सीय अध्ययनों और मेडिकल रिपोर्टों से यह स्पष्ट हुआ है कि क्रोनिक कब्ज यानी लंबे समय से चली आ रही पेट की समस्या केवल पाचन तंत्र को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पाचन तंत्र में गड़बड़ी होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं। जब आंतें इन अपशिष्ट पदार्थों को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पातीं, तो शरीर अन्य माध्यमों से इन्हें बाहर करने का प्रयास करता है, जिससे त्वचा पर मुंहासे, दाग-धब्बे, काले घेरे और चकत्ते जैसी समस्याएं उभरने लगती हैं।

ताइवान में किए गए एक व्यापक अध्ययन के आंकड़ों का हवाला देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि कब्ज से पीड़ित व्यक्तियों में सामान्य लोगों की तुलना में एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी बीमारी विकसित होने का जोखिम दो गुना तक अधिक देखा गया है। हालांकि इसके सटीक कारणों पर शोध अभी जारी है।

चिकित्सकों के मुताबिक आंत और त्वचा दोनों ही शरीर में बाह्य तत्त्वों और एलर्जी के खिलाफ सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं। जब आंतों के सामान्य कामकाज में रुकावट आती है, तो इसका प्रतिकूल असर चेहरे की चमक और त्वचा की रंगत पर साफ दिखाई देने लगता है।

दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों का मानना है कि असंतुलित खानपान और आधुनिक जीवनशैली के कारण कब्ज की समस्या आम होती जा रही है। महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही यह समस्या त्वचा की नई जटिलताओं को जन्म दे रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों, फलों और प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ानी चाहिए। भरपूर पानी का सेवन करने और नियमित दिनचर्या अपनाने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है जिससे त्वचा स्वस्थ बनी रहती है।

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