उम्र बढ़ने पर पैरों की कमजोरी से बचने के लिए कुर्सी पर बैठकर उठने की एक्सरसाइज बताई फिजियोथेरेपिस्ट ने
वॉकिंग को उम्र बढ़ने के साथ फिट रहने के लिए उपयोगी गतिविधि माना जाता है। हालांकि, केवल चलने से पैरों और घुटनों की वह मजबूती हासिल नहीं होती, जिसकी जरूरत रोजमर्रा की कई गतिविधियों में पड़ती है। फिजियोथेरेपिस्ट जॉन थॉमसन ने बुजुर्ग लोगों के साथ काम करने के अनुभव के आधार पर बताया कि लंबे समय से वॉक करने वाले कुछ लोगों को भी सीढ़ियां चढ़ने और कुर्सी से उठने में परेशानी होती है।
इसके पीछे एक कारण वॉकिंग के दौरान घुटनों और जोड़ों की सीमित मूवमेंट बताई गई है। चलते समय घुटने बहुत ज्यादा नहीं मुड़ते, जबकि दैनिक जीवन में कई काम ऐसे हैं जिनमें घुटनों को अधिक मोड़ने की आवश्यकता होती है। टॉयलेट जाने, बैठने और फिर खड़े होने जैसी गतिविधियों में पैरों और घुटनों पर अलग तरह का दबाव पड़ता है। इसलिए केवल वॉकिंग के बजाय ऐसी एक्सरसाइज को भी दिनचर्या में शामिल करने की जरूरत बताई गई है, जिसमें जोड़ों को अधिक मूवमेंट मिले।
फिजियोथेरेपिस्ट के अनुसार इसके लिए एक सरल एक्सरसाइज की जा सकती है, जिसे करने में करीब एक मिनट का समय लगता है। इस एक्सरसाइज में पैरों और घुटनों को अधिक मोड़ना पड़ता है, जिससे जोड़ों को उनकी सामान्य गतिविधियों के अनुरूप मूवमेंट मिलता है। इसे पैरों की मजबूती और मोबिलिटी से जोड़कर बताया गया है।
यह एक्सरसाइज सिटअप के रूप में बताई गई है, जिसमें कुर्सी पर बैठकर दोबारा खड़ा होना होता है। इसे करने के लिए पहले कुर्सी पर बैठना है और फिर खड़ा होना है। इसके बाद दोबारा बैठना और खड़ा होना जारी रखना है। इस प्रक्रिया को कुल 30 बार करने की बात कही गई है।
यह गतिविधि स्क्वाट्स की तरह काम करती है और इसमें पैरों तथा घुटनों को बार-बार मोड़ना और सीधा करना पड़ता है। बुजुर्ग लोगों के लिए इसे पैरों की मजबूती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज के रूप में बताया गया है। नियमित वॉक के साथ ऐसी गतिविधि करने से रोजमर्रा के कामों में जरूरी पैरों की ताकत और मोबिलिटी पर काम किया जा सकता है।
पैरों की कमजोरी उम्र बढ़ने के साथ दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक वॉक करने के बावजूद अगर कुर्सी से उठने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य गतिविधियों में परेशानी होती है, तो पैरों की ताकत और जोड़ों की मूवमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी बताया गया है। सिटअप एक्सरसाइज को इसी उद्देश्य से कम समय में की जाने वाली गतिविधि के तौर पर बताया गया है।
