ट्रंप और अरब देशों ने दी गाजा पीस प्लान की गारंटी
– हमास: तेल अवीव में बोले ट्रंप स्थायी शांति की ओर बढ़ रहा पश्चिम एशिया, थक चुके ईरान से भी जल्द होगा समझौता

तेल अवीव। अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप सोमवार को गाजा पीस डील के पहले चरण पर अमल के लिए पश्चिम एशिया के दौरे पर रहे। यहां उन्होंने मिस्र के शर्म अल शेख में अरब और यूरोपीय देशों के साथ गाजा पीस डील के गारंटर के रूप में २० सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख देशों में तुर्की, कतर, मिस्र आदि देशों ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि इस समझौते में गाजा में शांति और पुनर्निर्माण के नियमो और विनियमो का उल्लेख किया गया है।
इससे पूर्व ट्रंप इजरायल-हमास में बंधकों और कैदियों की रिहाई और शांति समझौता अमल में लाए जाने के ऐतिहासिक मौके पर तेल अवीव पहुंचे। इस दौरान हमास ने जहां सभी 20 बंधक छोड़े, वहीं इजरायल ने करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया। जिनमें 250 आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी भी शामिल हैं। लेकिन सिर्फ 4 मृत बंधकों के शव ही अब तक लौटाए गए हैं।
वहीं, इजरायली संसद में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने इस क्षेत्र में शांति और इजरायल के स्वर्णिम युग के आगाज का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने कहा, गाजा युद्ध विराम ’शायद अब तक की सबसे चुनौतीपूर्ण सफलता थी…आखिर, यह लंबा और कठिन युद्ध अब समाप्त हो गया है। ट्रंप यहीं नहीं रुके। ट्रंप ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ भी जल्द ही शांति समझौता होगा। इजरायली बंधकों की रिहाई पर खुशी जताते हुए ट्रंप ने कहा कि अब बंदूकें खामोश हैं और उम्मीद है कि हमेशा ऐसी शांति बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह इजरायल का स्वर्णिम युग है और उसे इस शांति को बनाकर रखना होगा।
इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपनी बेटी इवांका ट्रंप के यहूदी धर्म अपनाने का भी जिक्र किया। ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, मैं इजरायल से इतना प्यार करता हूं कि मेरी बेटी ने भी यहूदी धर्म अपना लिया है। इस बयान के बाद पूरी संसद तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। दरअसल, ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने अपने पति जैरेड कुशनर से शादी करने से पहले ईसाई धर्म छोड़कर यहूदी धर्म (ज्यूडिज्म) अपना लिया था।

गाजा के भविष्य को लेकर मिस्र में हुए शांति सम्मेलन के बाद अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी गाजा पीस डील के गारंटर के रूप में समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए।
5 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन, 2026 के लिए नोबेल नामांकन
ट्रंप के स्वागत में इजरायली संसद में 5 मिनट तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। इस बीच ट्रंप ने कहा, नेतन्याहू से निपटना आसान नहीं है, इसके बाद ट्रंप ने अब वे थोड़ा बेहतर व्यवहार कर सकते हैं। वहीं, नेतन्याहू ने ट्रंप को २०२६ के नोबेल के लिए नामांकित करने की घोषणा की।
ट्रंप का दबाव, पाक पीएम ने फिर बताया ट्रंप को शांति पुुरुष
शर्म अल-शेख में ट्रंप ने अपने भाषण को बीच में रोकते हुए पाक पीएम शहबाज शरीफ को मंच पर बुला लिया। यहां शरीफ ने ट्रंप को शांति पुरुष बताते हुए कहा यह एक महान क्षण है। शरीफ ने एक बार फिर ट्रंप को नोबेल का दावेदार बताया।
एकमात्र हिंदू बंधक जिंदा नहीं बचा
हमास ने सोमवार को कहा कि वह मृत बंधकों में से सिर्फ चार के ही शव लौटाएगा। इस लिस्ट में एकमात्र हिंदू बंधक, नेपाल के 24 साल के बिपिन जोशी का भी नाम है। बिपिन इजरायल में खेती पढ़ाई करने गए थे। वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों हमास ने उनका अपहरण कर लिया था।
मिस्र शांति सम्मेलन में भारत की ओर से कीर्ति वर्धन सिंह रहे मौजूद
इजरायली संसद में संबोधन के बाद ट्रंप ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ शर्म अल शेख में 28 से अधिक वैश्विक नेताओं के शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी की। इस सम्मेलन में भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शिरकत की है।
इजरायल : इजरायल की जेलों से छोड़े गए फिलिस्तीनी कैदी बसों में गाजा सीमा पर पहुंचते हुए। खान यूनिस के पास उनके स्वागत को उमड़े लोग।

पीएम मोदी ने की ट्रंप के शांति प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट पर ट्रंप की तारीफ की। उन्होंने कहा, हम दो साल से ज्यादा समय बाद सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं। उनकी आजादी उनके परिवारों के साहस, राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट शांति प्रयासों और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। हम इलाके में शांति लाने के राष्ट्रपति ट्रंप की ईमानदार कोशिशों के साथ हैं।
हमास के विसैन्यीकरण के बाद ही संभव होगा गाजा का पुनर्निर्माण
ट्रंप ने इजरायली सीनेट के अपने संबोधन में कहा, इजरायल ने हथियारों के बल पर वह सब कुछ जीत लिया है जो वह जीत सकता था। आप जीत गए हैं। ट्रंप ने कहा, अब समय आ गया है कि युद्धक्षेत्र की जीत को पूरे क्षेत्र के लिए शांति और समृद्धि में बदल दिया जाए। उधर शर्म अल शेख में ट्रंप ने फिर दोहराया कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बहुत सारा पैसा दिया जाएगा। लेकिन यहां शांति और निर्माण तब तक संभव नहीं होगा जब तक कि हमास को विसैन्यीकृत नहीं कर दिया जाए।
