September 14, 2026

ट्रंप ने एआई को बताया भविष्य की ताकत, चीन की जासूसी, शी जिनपिंग और कनाडा के नेताओं पर भी खुलकर बोले

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नई दिल्ली ।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयरलैंड से अमेरिका लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चीन, कनाडा और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने एआई को लेकर अमेरिका की स्थिति को मजबूत बताया, वहीं चीन और कनाडा के साथ संबंधों पर भी अपनी बात रखी।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर ट्रंप ने कहा कि उनका रवैया अब तक ठीक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने चीन के साथ सही व्यवहार किया है। चीन की ओर से अमेरिका की जासूसी किए जाने से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि चीन अमेरिका पर नजर रखता है, लेकिन अमेरिका भी चीन की जानकारी लेता है।

ट्रंप ने अमेरिकी बाजार में चीनी कारों की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने चीनी कारों को अमेरिका में आने की अनुमति नहीं दी है। इसके पीछे उन्होंने चीन के सामान पर लगाए गए भारी टैक्स को प्रमुख कारण बताया। ट्रंप के अनुसार, इन उत्पादों पर टैक्स 100 से 150 प्रतिशत तक रहा है।

उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विदेशी कारों की वजह से परेशानी बढ़ रही है। इसके विपरीत अमेरिका में अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है। ट्रंप ने इस संदर्भ में अमेरिकी बाजार में चीनी वाहनों के प्रवेश को लेकर अपनी नीति का संकेत दिया।

बोइंग के विमानों से जुड़े सौदे के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वह इसे पूरा करेंगे। उन्होंने अपनी बातचीत और कारोबारी शैली का जिक्र करते हुए कहा कि वह हर डील पूरी कर लेते हैं। इस दौरान उन्होंने व्यापार से जुड़े अपने रुख को भी स्पष्ट किया।

कनाडा के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप ने कहा कि वहां की सरकार के साथ काम करना उनके लिए मुश्किल है। हालांकि उन्होंने कनाडा के आम लोगों और वहां के नेताओं के बीच अंतर करते हुए कहा कि उन्हें कनाडा के लोगों से कोई परेशानी नहीं है। उनके मुताबिक, कनाडा के लोग अच्छे हैं, लेकिन वहां के नेताओं के साथ काम करना आसान नहीं है।

ट्रंप ने दावा किया कि कनाडा अब अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा ने लंबे समय तक अमेरिका से फायदा उठाया, लेकिन अब स्थिति बदल गई है और ऐसा नहीं हो रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर ट्रंप ने इसे भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस देश का एआई सबसे आगे होगा, वही आगे रहेगा। ट्रंप ने दावा किया कि इस क्षेत्र में अमेरिका काफी आगे है।

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह खुद एआई का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि वह एआई का इस्तेमाल किस काम के लिए करते हैं।

ट्रंप की इस बातचीत में एआई के साथ-साथ चीन और कनाडा के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर उनका मौजूदा रुख भी सामने आया। चीन के साथ जासूसी और व्यापार, कनाडा के साथ बातचीत तथा एआई में अमेरिकी बढ़त जैसे मुद्दों पर उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।

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