September 21, 2026

रूस के संसदीय चुनाव में पुतिन की पार्टी की बड़ी जीत, यूनाइटेड रशिया ने 450 में से 355 सीटों पर दर्ज किया कब्जा

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नई दिल्ली । रूस में 2026 के संसदीय चुनाव के शुरुआती नतीजों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा में पार्टी ने 355 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस परिणाम के साथ यूनाइटेड रशिया ने संसद में अपना मजबूत बहुमत बरकरार रखा है।

यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद पहला संसदीय चुनाव था। ऐसे समय में हुए इस चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर रही। चुनाव के दौरान यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। यूनाइटेड रशिया ने पिछले चुनाव की तुलना में इस बार अधिक सीटें हासिल की हैं।

रूस की 450 सदस्यीय संसद में 225 सीटों के लिए पार्टी-लिस्ट प्रणाली के तहत मतदान होता है, जबकि बाकी 225 सीटों पर सीधे उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होता है। उपलब्ध नतीजों के अनुसार यूनाइटेड रशिया के उम्मीदवार सिंगल-मेंबर सीटों में से 208 पर आगे रहे। पार्टी को पार्टी-लिस्ट मतदान में भी 58 प्रतिशत के आसपास वोट मिले हैं।

2021 में हुए पिछले संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया ने स्टेट ड्यूमा की 450 में से 324 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार 355 सीटों का आंकड़ा पिछले चुनाव के मुकाबले काफी अधिक है। इससे संसद में पार्टी की स्थिति और मजबूत हुई है।

चुनाव में मतदान प्रतिशत भी चर्चा में रहा। रूस में कुल मतदान करीब 57 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। मॉस्को में भी मतदान को लेकर लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही। चुनाव के दौरान कई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।

इस बार युद्ध-विरोधी याब्लोको पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी-लिस्ट चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली। हालांकि उसके कुछ नेताओं को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का अवसर मिला। इसके अलावा कई सरकार विरोधी नेताओं और उम्मीदवारों के चुनाव में हिस्सा लेने पर भी रोक रही।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूनाइटेड रशिया पार्टी के औपचारिक सदस्य नहीं हैं। हालांकि वह वर्ष 2008 से 2012 तक पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उस समय भी पार्टी का अध्यक्ष बनने के लिए औपचारिक सदस्यता जरूरी नहीं थी। वर्ष 2012 में पुतिन ने पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। इसके बाद दिमित्री मेदवेदेव ने पार्टी की कमान संभाली।

चुनाव के अंतिम चरण में रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का असर भी दिखाई दिया। मतदान के आखिरी दिन मॉस्को और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों की जानकारी सामने आई। मॉस्को को निशाना बनाकर सैकड़ों ड्रोन भेजे जाने का दावा किया गया, जबकि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन की कुल संख्या 1,600 से अधिक बताई गई।

युद्ध के बीच हुए इस संसदीय चुनाव के नतीजों में यूनाइटेड रशिया की 355 सीटों की जीत ने रूस की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में पार्टी की मजबूत स्थिति को फिर सामने ला दिया है।

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