पाकिस्तान में नई तकनीक का खतरनाक टेस्ट! रिमोट से चल रही कार हुई बेकाबू, व्यस्त सड़क पर होता हादसा तो जा सकती थीं जानें
जानकारी के अनुसार कार को ड्राइवरलेस या ऑटो मोड में चलाने का लाइव टेस्ट किया जा रहा था। कार को सीधे उसमें बैठा कोई ड्राइवर नियंत्रित नहीं कर रहा था बल्कि इंटरनेट और सैटेलाइट कनेक्शन के जरिए दूर से ऑपरेट किया जा रहा था। पत्रकार मुहम्मद अलीजा कार की आगे वाली पैसेंजर सीट पर बैठे हुए थे और टेस्ट के दौरान कार की तकनीक तथा उसके फीचर्स के बारे में जानकारी दे रहे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आया और कार आगे बढ़ती रही लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति अचानक बदल गई।
टेस्ट के दौरान रिमोट से नियंत्रित स्टीयरिंग का कंट्रोल बिगड़ने लगा। कार सड़क पर आगे बढ़ते हुए सीधे किनारे खड़ी पुलिस वैन की दिशा में जाने लगी। कार के अंदर मौजूद पत्रकार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और वीडियो में वह कार को रोकने के लिए हैंडब्रेक खींचते हुए भी दिखाई देते हैं। इसके बावजूद कार को समय रहते रोका नहीं जा सका और वह पुलिस वैन से जा टकराई। यह पूरी घटना कुछ ही पलों में हुई और लाइव टेस्ट देखते ही देखते तकनीकी खराबी का उदाहरण बन गया।
पत्रकार मुहम्मद अलीजा के अनुसार शुरुआत में कार का सिस्टम ठीक तरीके से काम कर रहा था लेकिन इंटरनेट कनेक्शन में समस्या आने के बाद तकनीकी खराबी पैदा हुई। उनका कहना था कि कार को इंटरनेट के जरिए रिमोट से नियंत्रित किया जा रहा था और कनेक्शन में रुकावट आने के बाद उसका नियंत्रण प्रभावित हो गया। यह टेस्ट एबटाबाद के टेक्नोलॉजी उत्साही एहसान जफर से जुड़े ऑटोमेटेड ड्राइविंग तकनीक के प्रयोग की रिपोर्टिंग के दौरान किया जा रहा था।
घटना के बाद वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने ड्राइवरलेस कार के इस प्रयोग को लेकर मजेदार टिप्पणियां कीं तो कई लोगों ने इसे नई तकनीक के परीक्षण में सुरक्षा की कमी का उदाहरण बताया। हालांकि पत्रकार अलीजा ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी युवा टेक इनोवेटर को बदनाम करना नहीं था। उनके मुताबिक ऐसी तकनीक पर काम करने वाले लोगों के प्रयासों को समझना जरूरी है लेकिन किसी भी नए प्रयोग में सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इसी तरह कार का कंट्रोल किसी व्यस्त सड़क पर बिगड़ जाता तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे। सड़क पर चल रहे अन्य वाहन और पैदल यात्री भी खतरे में आ सकते थे। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ड्राइवरलेस और ऑटोमेटेड वाहनों की तकनीक को भविष्य के परिवहन के रूप में देखा जा रहा है लेकिन इसके साथ विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्शन और मजबूत सुरक्षा प्रणाली की आवश्यकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
फिलहाल इस्लामाबाद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और ड्राइवरलेस तकनीक की सुरक्षा को लेकर बहस भी तेज हो गई है। लाइव टेस्ट में पुलिस वैन से हुई टक्कर ने साफ कर दिया कि नई तकनीक के प्रयोग में केवल आधुनिक सिस्टम होना काफी नहीं बल्कि उसके फेल होने की स्थिति में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और भरोसेमंद बैकअप सिस्टम भी बेहद जरूरी है।
