November 6, 2026

दृश्यम जैसी कहानी ने उलझाया ममता हत्याकांड, पति ने शव ठिकाने लगाने की बात मानी लेकिन हत्या से किया इनकार

0
untitled-1793940361

नई दिल्ली। अमेरिका के वर्जीनिया में भारतीय मूल की महिला ममता काफले भट्ट के लापता होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जुलाई 2024 से लापता ममता का शव आज तक बरामद नहीं हो सका है जबकि उनके पति नरेश भट्ट पर फर्स्ट डिग्री मर्डर के साथ सबूत मिटाने और शव को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान नरेश भट्ट ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और पत्नी की हत्या करने से इनकार किया। हालांकि उसने यह स्वीकार किया कि पत्नी की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी और उसने शव को छोटा करने के लिए आरी का इस्तेमाल किया था। इस पूरे मामले ने जांच को बेहद पेचीदा बना दिया है क्योंकि महिला का शव अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

अदालत में नरेश ने दावा किया कि 29 जुलाई 2024 की रात वह अपनी छोटी बेटी के साथ सोने चला गया था। उसके मुताबिक ममता उस रात कब कमरे में आई उसे इसकी जानकारी नहीं थी। सुबह करीब चार बजे जब वह उठा तो उसे कमरे के आसपास अजीब सी गंध महसूस हुई। इसके बाद उसने देखा कि ममता बेड के पास बेहोश पड़ी थी। नरेश का दावा है कि उसके आसपास उल्टी के निशान थे और वहां गोलियां तथा जहरीले कीटनाशक का खुला पैकेट भी दिखाई दिया। उसने इसे आत्महत्या की कोशिश बताया और कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा था कि उस समय क्या करना चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नरेश को लगा कि उसकी पत्नी की हालत गंभीर है तो उसने तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवा को फोन क्यों नहीं किया। अदालत में इस सवाल पर उसने कहा कि वह बेहद घबरा गया था और उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे। उसके मुताबिक उसने करीब एक घंटे तक ममता को सीपीआर देने की कोशिश की। जब उसे लगा कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है तो वह डर गया और शव को छिपाने के बारे में सोचने लगा।

नरेश के बयान के मुताबिक उसने सबसे पहले शव को पोटोमैक नदी में फेंकने का विचार किया। इसके बाद वह अपनी बेटी को आया के पास छोड़कर सामान लेने के लिए होम डिपो गया। उसने बताया कि घर लौटने के बाद उसने खुदकुशी करने की कोशिश भी की लेकिन बाद में अपना इरादा बदल दिया। इसके बाद उसने शव को डस्टबिन में रखने की कोशिश की लेकिन पूरा शरीर उसमें नहीं आ पाया।

सुनवाई के दौरान नरेश ने यह भी स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के शव को आरी से काटने की कोशिश की थी। उसके अनुसार वह पैरों को अलग करके शव को छोटा करना चाहता था ताकि उसे आसानी से छिपाया जा सके। उसने बताया कि यह प्रयास उसने बाथरूम में किया था लेकिन मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर महसूस करने के कारण वह इसे पूरा नहीं कर सका। जांच के दौरान बाथरूम के टाइलों शावर क्षेत्र और दरवाजे के पास खून के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि इन निशानों को साफ करने की कोशिश की गई थी।

मामले में पुलिस ने फॉरेंसिक सबूत डीएनए सैंपल और अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा है। गवाहों की ओर से भी ममता के व्यवहार और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े बयान सामने आए हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि परिस्थितिजन्य और फॉरेंसिक साक्ष्य नरेश के खिलाफ जाते हैं जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि हत्या का कोई प्रत्यक्ष सबूत मौजूद नहीं है। ममता को आखिरी बार 29 जुलाई 2024 को वीडियो कॉल के दौरान देखा गया था। घटना को दो साल से अधिक समय बीत चुका है लेकिन शव बरामद नहीं होने के कारण यह मामला अब भी कई सवालों में उलझा हुआ है। अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान यह तय होना बाकी है कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपों को किस हद तक साबित कर पाते हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *