October 6, 2026

स्मित मच्छार पर हमले के बाद फ्लाईदुबई विमान को गिराने की तैयारी में था इजरायल, 150 यात्रियों की थी जान

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नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर सह-पायलट के हमले और विमान को कथित तौर पर अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश के बाद एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकपिट में हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद इजरायल ने विमान को निशाना बनाने की तैयारी कर ली थी। इजरायल को आशंका थी कि यदि विमान को हाइजैक कर लिया जाता है तो उसका इस्तेमाल 11 सितंबर 2001 जैसी घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है। विमान में करीब 150 इजरायली यात्री सवार थे। ऐसे में इजरायल के सामने विमान को गिराने और संभावित रूप से किसी बड़े हादसे को रोकने के बीच फैसला लेने की स्थिति बन गई थी।

घटना के दौरान ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया। हमले में मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआत में विमान में मौजूद अन्य लोगों को कॉकपिट के भीतर हुई घटना की जानकारी नहीं हो सकी। इसके बाद कैप्टन मच्छार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे कुछ क्रू सदस्य और यात्री अंदर पहुंच सके और उन्होंने सह-पायलट को काबू में कर लिया। घटना के बाद विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया।

विमान के सुरक्षित उतरने से उसमें सवार करीब 180 लोगों की जान बच गई। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की चिंता इस बात को लेकर थी कि अगर विमान अपना रास्ता बदलकर किसी बड़े शहर या ऊंची इमारत की ओर जाता है तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है। इसी आशंका के कारण विमान के रास्ते में बदलाव नहीं होने की स्थिति में उसे निशाना बनाने की तैयारी की गई थी। हालांकि विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और इजरायल को उस योजना को लागू करने की जरूरत नहीं पड़ी। घटना के बाद मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है।

इस मामले में ओमानी सह-पायलट की पुरानी गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां करीब एक दशक पहले उसके ऑस्ट्रेलिया में रहने के दौरान की गतिविधियों की जांच कर रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस के मुताबिक, संघीय और राज्य पुलिस तथा देश की घरेलू खुफिया एजेंसी की संयुक्त आतंकवाद रोधी टीम उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। सह-पायलट फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में है। उस पर इजरायल जा रहे विमान को अपने नियंत्रण में लेने की कथित कोशिश का आरोप है।

न्यूजीलैंड की पुलिस ने भी कहा है कि सह-पायलट कुछ समय न्यूजीलैंड में रहा था और अधिकारी वहां उसके रहने से जुड़े पहलुओं की जांच करेंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसे 2014 में ऑस्ट्रेलिया का छात्र वीजा मिला था और वह 2015 में एक विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। बताया गया है कि वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया से चला गया। इसके बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि वह संबंधित पाठ्यक्रम में पंजीकृत नहीं था, जिसके बाद 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम में विमान पर हमला, उसके सुरक्षित उतरने और सह-पायलट की पृष्ठभूमि की जांच प्रमुख पहलू बने हुए हैं।

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