नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ी अंदरूनी नाराजगी, 25 से अधिक विधायकों की मांगों पर आज फारूक और उमर अब्दुल्ला करेंगे अहम बैठक..
इस अहम मुलाकात से पहले असंतुष्ट विधायकों ने गुरुवार देर शाम श्रीनगर के सनतनगर इलाके में एक गोपनीय बैठक की। यह बैठक पांपोर के विधायक और सेवानिवृत्त न्यायाधीश हसनैन मसूदी के आवास पर हुई। पिछले सात दिनों के भीतर असंतुष्ट गुट की यह चौथी बैठक थी। बताया गया कि इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के 15 से 16 प्रमुख विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल हुए। बैठक लगभग पांच घंटे तक चली। इस दौरान शुक्रवार को होने वाली बातचीत के लिए साझा रणनीति और मांगों के मसौदे को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में हसनैन मसूदी के अलावा मुबारक गुल, नजीर अहमद खान गुरेजी, एजाज जान, फारूक अहमद शाह, कैसर जमशीद लोन, अब्दुल मजीद लारमी, बशीर अहमद वीरी, खुर्शीद अहमद, अर्जुन सिंह राजू, जावेद अहमद मिर्चल, निर्दलीय विधायक मुजफ्फर इकबाल खान, सैफुद्दीन भट, चौधरी मोहम्मद अकरम और जावेद चौधरी सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। असंतुष्ट विधायकों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के सलाहकार की कार्यप्रणाली के कारण पार्टी संगठन और विधायकों के बीच दूरी बढ़ रही है।
कैबिनेट पुनर्गठन समेत 10 सूत्री मांगें
नाराज गुट ने पार्टी नेतृत्व को सौंपने के लिए मांगों का एक विस्तृत खाका तैयार किया है। इसमें सबसे प्रमुख मांग पूरी कैबिनेट के पुनर्गठन की है। विधायकों का कहना है कि दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया जाए।
इसके अलावा सुरिंदर चौधरी से लोक निर्माण विभाग का प्रभार वापस लेने और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को उनके पद से हटाने की मांग भी शामिल है। विधायक अपनी मांगों के समर्थन में तीन जून को दाछिगाम में हुई बैठक का हवाला दे रहे हैं। उस बैठक में 20 से अधिक विधायकों ने सुरिंदर चौधरी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
30 अक्तूबर को खुलकर सामने आया था असंतोष
पार्टी के भीतर नाराजगी का पहला बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन 30 अक्तूबर को हुआ था। उस समय कुछ विधायकों ने वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अचानक बैठक की थी। इसके बाद से पार्टी नेतृत्व के सामने असंतोष दूर करने की चुनौती बनी हुई है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नाराज विधायकों की संख्या 25 से अधिक बताई जा रही है। इनमें वे विधायक भी शामिल हैं जिन्होंने मंत्रिमंडल में बदलाव के बाद अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
फारूक और उमर करेंगे विधायकों से बातचीत
फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला श्रीनगर पहुंच चुके हैं। बैठक में नाराज विधायकों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। दोनों नेता उनकी शिकायतें सुनेंगे और मांगों पर जवाब देंगे। असंतुष्ट गुट की ओर से सभी मंत्रियों को बदलने सहित 10 सूत्री एजेंडा सामने रखने की तैयारी है।
पार्टी के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि शुक्रवार की बैठक के लिए गुरुवार को रणनीति तैयार की गई है। सभी विधायक साझा एजेंडे के तहत अपनी बात रखेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत सकारात्मक रहेगी। उनका कहना है कि पार्टी में भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को बाहर करने की जरूरत है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विधायकों की नाराजगी दूर करने और संगठनात्मक एकता बनाए रखने की है। शुक्रवार की बैठक से यह स्पष्ट हो सकता है कि नेतृत्व और असंतुष्ट गुट के बीच सहमति बनती है या पार्टी के भीतर जारी मतभेद आगे भी बने रहते हैं।
