कराची में ‘गर्मी का कहर’ या सिस्टम की नाकामी? 46°C महसूस तापमान ने खोली पानी-बिजली संकट की पोल, टैंकर माफिया पर उठे सवाल
गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें
तेज गर्मी के बीच शहर में बिजली और पानी की भारी कमी ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। कई इलाकों में घंटों की लोडशेडिंग और पानी की सप्लाई में कटौती ने हालात को और खराब कर दिया है।
पानी का संकट गहराया
Karachi Water and Sewerage Corporation के अनुसार शहर को रोजाना लगभग 650 मिलियन गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन सप्लाई सिर्फ 610 मिलियन गैलन ही हो पा रही है। यानी हर दिन करीब 40 मिलियन गैलन की कमी बनी हुई है।
लांधी, बल्दिया टाउन और ओरंगी टाउन जैसे क्षेत्रों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां लोग मजबूरी में महंगे दामों पर टैंकर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
टैंकर माफिया पर आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संकट का फायदा उठाकर टैंकर माफिया पानी की कीमतें बढ़ा रहा है। पानी की किल्लत के चलते आम जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
भीषण गर्मी के बावजूद कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती हो रही है। इससे घरों में रहना मुश्किल हो गया है और अस्पतालों व छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ रहा है।
सड़कों पर उतरा जनता का गुस्सा
हालात से परेशान लोगों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया है। राजनीतिक दल Muttahida Qaumi Movement-Pakistan (MQM-P) ने भी सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट केवल मौसम की वजह से नहीं, बल्कि खराब प्रशासन और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर का नतीजा है। अगर जल्द सुधार नहीं किया गया, तो कराची में स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है।
गर्मी, पानी की कमी और बिजली संकट ने कराची को एक बड़े मानवीय संकट की ओर धकेल दिया है। फिलहाल राहत की कोई स्पष्ट तस्वीर नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
