क्रूज शिप पर फैला हंतावायरस, 3 की मौत; जहाज में 2 भारतीय भी मौजूद, WHO अलर्ट पर
WHO बोला- गंभीर मामला, लेकिन कोरोना जैसा खतरा नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने घटना को गंभीर बताया है, हालांकि फिलहाल आम लोगों के लिए बड़े खतरे की आशंका कम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस कोरोना की तरह तेजी से इंसानों में नहीं फैलता।
नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा कि हंतावायरस का इंसान से इंसान में संक्रमण बेहद सीमित होता है और इसका फैलाव कोविड-19 जितना तेज नहीं है।
मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया
जहाज पर संक्रमित पाए गए लोगों को अलग आइसोलेशन में रखा गया है। मेडिकल टीम लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीजों में लक्षण खत्म होने और रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही आइसोलेशन हटाया जाएगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा हो सकता है। कुछ मामलों में लक्षण 6 हफ्ते तक बाद में भी सामने आ सकते हैं। इसी वजह से संक्रमितों और संपर्क में आए लोगों को लंबे समय तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है।
एंडीज स्ट्रेन का शक
WHO के अनुसार मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन होने की आशंका है। यह हंतावायरस का ऐसा प्रकार है, जो कुछ स्थितियों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। यह स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है।
जांच में पता चला है कि शुरुआती संक्रमित दंपती यात्रा से पहले अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे, जहां वायरस फैलाने वाले चूहों की प्रजातियां पाई जाती हैं।
कई देशों को अलर्ट
170 यात्रियों और 71 क्रू सदस्यों वाले इस जहाज ने मार्च में अर्जेंटीना से यात्रा शुरू की थी और अब स्पेन के कैनरी आइलैंड की ओर बढ़ रहा है। WHO ने ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर समेत 12 देशों को अलर्ट जारी किया है।क्रूज कंपनी और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
