भारत की डिफेंस कंपनी से 768 करोड़ की डील में चूक, गई एस्टोनिया के रक्षा मंत्री की कुर्सी
विवाद उस समय सामने आया, जब डील में भारत के स्वामित्व वाली एक ऐसी कंपनी को शामिल किया गया, जिसका इससे पहले आर्टिलरी शेल्स बेचने का कोई रिकॉर्ड नहीं था। पेवकुर ने बुधवार को इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वह इस डिफेंस डील की जिम्मेदारी ले रहे हैं।
इटली की कंपनी से हुआ था करार
मामला 2024 में हुए उस समझौते से जुड़ा है, जिसे एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इनवेस्टमेंट्स ने इटली में रजिस्टर्ड Datasel SRL नाम की कंपनी के साथ किया था। इसी साल Datasel को भारत की Neco Defence Munitions ने खरीद लिया था।
इस डील का उद्देश्य यूक्रेन के लिए तोपखाने के गोले उपलब्ध कराना था। एस्टोनिया यूक्रेन का मजबूत समर्थक रहा है और उस समय यूक्रेनी सेना को गोला-बारूद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा था।
एस्टोनिया ने इस खरीद के लिए यूरोपीय संघ की European Peace Facility से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल किया। डील के तहत कंपनी को बड़ी रकम एडवांस में भी दी गई थी।
डिलीवरी में होती रही देरी, क्वालिटी पर भी सवाल
करार के बाद उम्मीद थी कि कुछ ही महीनों में गोला-बारूद यूक्रेन पहुंच जाएगा। हालांकि, उत्पादन से जुड़ी कथित समस्याओं के चलते डिलीवरी लगातार टलती रही। आखिरकार 2025 में जब गोला-बारूद की आपूर्ति हुई तो उसकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।
एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इनवेस्टमेंट्स के डायरेक्टर ने भी माना कि यह सौदा नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर मैं एक घर बनाना शुरू करूं और ऐसी कंपनी को काम पर रखूं, जिसने पहले कभी घर नहीं बनाया हो, तो यह संदेह होना स्वाभाविक है कि वह घर पूरा नहीं कर पाएगी।”
रक्षा मंत्री बोले- हर डील की निगरानी संभव नहीं
हालांकि, हन्नो पेवकुर ने रक्षा मंत्रालय के भीतर जिम्मेदारियों के बंटवारे का बचाव किया। उनका कहना था कि रक्षा मंत्री व्यक्तिगत रूप से हर डिफेंस डील की निगरानी नहीं करता।
एस्टोनिया के प्रधानमंत्री Kristen Michal ने भी कहा कि उन्हें इस मामले में पेवकुर की कोई व्यक्तिगत गलती नजर नहीं आती। इसके बावजूद राजनीतिक जिम्मेदारी तय किए जाने की स्थिति में रक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे के बाद पेवकुर ने कहा कि उन्होंने यह कदम इस विश्वास के साथ उठाया है कि एस्टोनिया ने अपनी राष्ट्रीय रक्षा को मजबूत करने के लिए सही फैसले लिए हैं।
