यूएन में नेतन्याहू ने ममदानी पर साधा निशाना, कहा- न्यूयॉर्क में यहूदी खुद को सुरक्षित नहीं मानते
अपने भाषण में नेतन्याहू ने कहा कि ममदानी के मेयर चुने जाने के बाद कई यहूदी न्यूयॉर्क में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग उनसे बातचीत के दौरान कहते हैं कि शहर तेजी से बदल गया है और अब वह पहले जैसा नहीं रहा। यह टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे सार्वजनिक विवाद के बीच आई है।
ममदानी गाजा में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के मुखर आलोचक रहे हैं। उन्होंने नेतन्याहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और फिलिस्तीनी अधिकारों की वकालत की है। ममदानी का रुख रहा है कि इस्राइल की नीतियों की आलोचना करना अपने आप में यहूदी-विरोधी नहीं माना जाना चाहिए। दूसरी ओर, नेतन्याहू उनकी टिप्पणियों को इस्राइल और यहूदी समुदाय की सुरक्षा से जोड़ते रहे हैं।
नेतन्याहू और ममदानी के बीच विवाद का एक प्रमुख मुद्दा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी आईसीसी का गिरफ्तारी वारंट भी रहा है। ममदानी ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो वह उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लागू कराने की कोशिश करेंगे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि न्यूयॉर्क शहर के पास किसी विदेशी नेता को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। हाल के दिनों में उन्होंने अमेरिकी संघीय सरकार से आईसीसी के वारंट का सम्मान करने की अपील भी की है।
नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान इस मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ममदानी ने उन्हें न्यूयॉर्क आने से रोकने और चुप कराने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही सच्चाई को चुप कराया जा सकता है।
इसी सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ममदानी के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकात भी हुई थी। दोनों नेताओं के बीच कई राजनीतिक और नीतिगत मतभेद हैं, लेकिन बैठक में शहर से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप के इस्राइल के प्रति समर्थन की प्रशंसा की और उन्हें अपना महत्वपूर्ण साझेदार बताया।
इस पूरे विवाद में एक तरफ ममदानी इस्राइल की गाजा नीति और फिलिस्तीनी अधिकारों को लेकर अपनी आलोचना पर कायम हैं, वहीं नेतन्याहू उनकी टिप्पणियों को यहूदी समुदाय की सुरक्षा और यहूदी-विरोधी भावना के संदर्भ में पेश कर रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक टकराव अब गाजा युद्ध के साथ-साथ न्यूयॉर्क में यहूदी सुरक्षा, आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट और अमेरिकी सरकार की भूमिका जैसे मुद्दों से भी जुड़ गया है।
नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र संबोधन के दौरान कई प्रतिनिधि सभागार से बाहर भी चले गए और न्यूयॉर्क में उनके दौरे के खिलाफ प्रदर्शन हुए। इस घटनाक्रम ने उनके भाषण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी राजनीतिक मतभेदों को भी सामने ला दिया।
