April 24, 2026

2 घंटे 5 मिनट की Toaster: कहानी दमदार या फीकी? जानिए IMDb स्कोर

0
untitled-1776324230
नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई टोस्टर इस हफ्ते की चर्चित फिल्मों में जरूर शामिल है, लेकिन दर्शकों की उम्मीदों पर यह पूरी तरह खरी उतरती नहीं दिख रही। राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा जैसे दमदार कलाकारों के बावजूद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति कई जगह कमजोर नजर आती है। 2 घंटे 5 मिनट लंबी यह डार्क कॉमेडी शुरुआत में दिलचस्प लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी रफ्तार ढीली पड़ जाती है, जिससे दर्शकों का जुड़ाव टूटने लगता है।
कहानी में दम, लेकिन प्रस्तुति में कमी

फिल्म की कहानी रमाकांत (राजकुमार राव) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेहद कंजूस इंसान है। उसकी यही आदत उसे ऐसी स्थिति में फंसा देती है, जहां एक मामूली सा टोस्टर उसकी जिंदगी में तूफान ला देता है। प्लॉट में सस्पेंस और डार्क ह्यूमर की पूरी संभावना थी, लेकिन डायरेक्टर विवेक दासचौधरी इसे प्रभावी तरीके से पेश करने में चूक जाते हैं। कई सीन बेवजह खींचे हुए लगते हैं, जिससे फिल्म बोरियत पैदा करती है।

एक्टिंग बनी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

जहां कहानी कमजोर पड़ती है, वहीं कलाकारों की एक्टिंग फिल्म को संभालती नजर आती है। राजकुमार राव अपने किरदार में फिट बैठते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग अच्छी है। सान्या मल्होत्रा भी अपनी भूमिका में सहज लगती हैं। खास तौर पर अर्चना पूरन सिंह का किरदार फिल्म में जान डालता है और उनकी मौजूदगी कई सीन में हंसी ला देती है। वहीं फराह खान की छोटी लेकिन प्रभावी मौजूदगी भी फिल्म को थोड़ा मनोरंजक बनाती है।

डार्क कॉमेडी का असर फीका

डार्क कॉमेडी एक ऐसा जॉनर है जिसमें संतुलन बेहद जरूरी होता है—ह्यूमर और सस्पेंस दोनों का सही मेल होना चाहिए। लेकिन ‘टोस्टर’ इस संतुलन को बनाए रखने में नाकाम रहती है। फिल्म का दूसरा हाफ खासतौर पर कमजोर है और दर्शकों को बांधकर रखने में असफल साबित होता है।

दर्शकों की राय: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और रेडिट जैसे मंचों पर फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे बोरिंग बताया, तो कुछ ने डायलॉग और एक्टिंग की तारीफ की। कुल मिलाकर, यह फिल्म ‘वन टाइम वॉच’ की कैटेगरी में फिट बैठती है।

 IMDb रेटिंग ने भी किया निराश

अगर रेटिंग की बात करें तो IMDb पर इस फिल्म को सिर्फ 5.3/10 की रेटिंग मिली है, जो इसकी कमजोर पकड़ को साफ दर्शाती है।

अगर आप राजकुमार राव के फैन हैं या हल्की-फुल्की डार्क कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो ‘टोस्टर’ एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप एक दमदार कहानी और मजबूत सस्पेंस की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *