टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार फूल सिंह और रेहान अंसारी के रूप में बताई गई है। पुलिस तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लेकर पहुंची। कोटा से आरोपियों को दो इनोवा कारों के जरिए लाया गया जबकि वलसाड से एक अन्य इनोवा कार भी पुलिस के काफिले में शामिल हुई थी। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों को जीटी अस्पताल ले जाया गया जहां जरूरी मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस की जांच में रेहान अंसारी का नाम कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में होने के संबंध में सामने आया है। बताया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर रेहान और अनिल पंडित के बीच बातचीत हुई थी। अब मुंबई पुलिस आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके बीच किस तरह संपर्क स्थापित हुआ था और फायरिंग की घटना में उनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसियां कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में कई जगह कार्रवाई की। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना हो सकता है। हालांकि इस मामले में हमले के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
इससे पहले पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा था। अब उन्हें मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा है और हथियारों की व्यवस्था से लेकर उन्हें मुंबई पहुंचाने तक की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए फायरिंग के पीछे की कथित साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
