रामायण पार्ट 1 का धमाकेदार आगाज, भव्य विजुअल्स और हांस जिमर-एआर रहमान का संगीत शानदार, क्या रणबीर उम्मीदों पर खरे उतरे?
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि कहानी की शुरुआत भगवान राम से नहीं बल्कि रावण के जीवन और उसके साम्राज्य से होती है। इसमें रावण की तपस्या और शक्तियों से लेकर उसके अधर्म की कहानी दिखाई गई है। इसके बाद भगवान विष्णु के श्रीराम के रूप में अवतार लेने और अयोध्या में राम के बचपन से लेकर वनवास तक की घटनाओं को पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म में सीता स्वयंवर कैकयी के दो वरदान और राम लक्ष्मण व सीता के वनवास जैसे अहम प्रसंग शामिल हैं। आगे चलकर शूर्पणखा का प्रसंग खर-दूषण से युद्ध और सीता हरण के साथ जटायु और रावण के भीषण युद्ध तक कहानी पहुंचती है।
निर्देशक नितेश तिवारी ने फिल्म में भावनाओं को खास जगह दी है। राम का राजमहल छोड़कर वनवास जाना पिता दशरथ के अंतिम समय में उनके पास नहीं होना और सीता के हरण जैसे दृश्यों को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। जटायु की मृत्यु का दृश्य भी दर्शकों को भावुक कर सकता है। फिल्म का पहला हिस्सा काफी मजबूत बताया गया है जबकि दूसरे हिस्से में कहानी कुछ जगह खिंची हुई महसूस होती है। कई घटनाओं को एक साथ दिखाने की कोशिश के कारण फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है।
विजुअल्स की बात करें तो अयोध्या मिथिला लंका वन और देवलोक जैसे स्थानों को भव्य तरीके से तैयार किया गया है। ऑस्कर विजेता वीएफएक्स कंपनी डीएनईजी ने फिल्म के दृश्य प्रभावों पर काम किया है। हालांकि कुछ राक्षसों के दृश्य अधूरे और कम प्रभावशाली लगते हैं। इसके बावजूद फिल्म का कुल विजुअल अनुभव भारतीय सिनेमा के लिहाज से काफी शानदार है। हांस जिमर और एआर रहमान का संगीत भी फिल्म की बड़ी ताकत है। खासकर राम के वनवास वाले दृश्य में बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के भावनात्मक असर को और बढ़ा देता है।
अभिनय की बात करें तो रणबीर कपूर ने भगवान राम के किरदार में शांति और सादगी दिखाने की कोशिश की है। साई पल्लवी सीता के रूप में खूबसूरत दिखाई देती हैं लेकिन उनके कुछ भावनात्मक दृश्य उतना गहरा प्रभाव नहीं छोड़ पाते। रवि दुबे ने लक्ष्मण के किरदार में अच्छा काम किया है। वहीं अरुण गोविल को राजा दशरथ के रूप में देखना दर्शकों के लिए खास अनुभव है। रकुल प्रीत सिंह ने शूर्पणखा के किरदार में प्रभावित किया है।
लेकिन फिल्म में सबसे ज्यादा चर्चा यश के अभिनय की हो रही है। रावण के किरदार में उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और प्रभावशाली अभिनय फिल्म को अलग ऊंचाई देता है। वह जब भी पर्दे पर आते हैं तो दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। कुल मिलाकर रामायण पार्ट 1 भव्यता भावनाओं और शानदार संगीत का अच्छा मेल है। कुछ तकनीकी कमियों और धीमी रफ्तार के बावजूद यह फिल्म रामायण को बड़े पर्दे पर देखने का शानदार अनुभव देने की कोशिश करती है।
