October 31, 2026

सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी प्रकाश राज को, विज्ञापन बंद हुए और फिल्मों से भी हुए बाहर, पत्नी ने बयां किया दर्द

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नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया में प्रकाश राज अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए भी पहचाने जाते हैं। वह कई बार ऐसे विषयों पर खुलकर बोल चुके हैं जिन पर मनोरंजन जगत के दूसरे कलाकार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बचते हैं। उनकी इसी स्पष्टवादिता का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। अब उनकी पत्नी और कोरियोग्राफर पोनी वर्मा ने एक इंटरव्यू में प्रकाश राज के संघर्ष और उनके फैसलों से जुड़ी कई बातें साझा की हैं। पोनी के मुताबिक प्रकाश राज को अपनी बात रखने की कीमत चुकानी पड़ी। उन्हें काम मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई विज्ञापन तथा फिल्में भी उनके हाथ से निकल गईं। इसके बावजूद उन्होंने अपने विचारों से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।

यूट्यूब चैनल प्रेमा को दिए इंटरव्यू में पोनी वर्मा ने बताया कि शुरुआत में वह प्रकाश राज की राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणियों को लेकर काफी चिंतित रहती थीं। उन्हें डर लगता था कि लगातार खुलकर बोलने की वजह से उनके पति को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। लेकिन साल 2017 में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या ने प्रकाश राज को अंदर तक झकझोर दिया। पोनी के अनुसार गौरी लंकेश प्रकाश राज की बेहद करीबी दोस्त थीं और दोनों की दोस्ती 35 साल से भी अधिक पुरानी थी। उनकी हत्या की खबर मिलने के बाद प्रकाश राज पूरी तरह टूट गए थे। हालांकि इस घटना ने उन्हें चुप रहने के बजाय अपनी आवाज और मजबूती से उठाने के लिए प्रेरित किया।

पोनी वर्मा ने बताया कि गौरी की हत्या के बाद प्रकाश राज के मन में यह सवाल था कि आखिर कब तक डरकर रहा जा सकता है। पोनी खुद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती थीं। उन्हें लगता था कि लगातार राजनीतिक मुद्दों पर बोलना उनके लिए खतरा पैदा कर सकता है। लेकिन प्रकाश राज का मानना था कि गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। पोनी के मुताबिक गौरी लंकेश भी अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती थीं और उनकी हत्या ने प्रकाश राज को इस बात का अहसास कराया कि डर के कारण अपनी बात कहना बंद नहीं किया जा सकता।

पोनी ने यह भी बताया कि प्रकाश राज की बेबाकी का असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्हें प्रकाश राज की राजनीतिक राय पसंद नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि उनके विज्ञापन बंद हो गए और कुछ फिल्में भी उनसे छीन ली गईं। पोनी ने कहा कि मनोरंजन जगत में कई कलाकार अपने काम और कमाई को सुरक्षित रखने के लिए विवादित मुद्दों पर बोलने से बचते हैं। लेकिन प्रकाश राज ने अपने जमीर की आवाज को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार प्रकाश राज का मानना है कि जब उन्हें कोई बात गलत लगती है तो उस पर चुप रहना सही नहीं है।

गौरी लंकेश की हत्या ने उस समय पूरे देश में अभिव्यक्ति की आजादी और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी। बेंगलुरु में 2017 में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी निडर पत्रकारिता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर विचारों के लिए जानी जाती थीं। उनकी मौत से प्रकाश राज भी गहरे प्रभावित हुए थे।

पोनी वर्मा की बातों से साफ है कि प्रकाश राज के लिए सामाजिक मुद्दों पर बोलना केवल सार्वजनिक छवि का हिस्सा नहीं बल्कि उनके व्यक्तिगत विश्वास से जुड़ा फैसला है। पेशेवर नुकसान और आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपनी राय रखना जारी रखा। उनके इस सफर में गौरी लंकेश की हत्या एक ऐसा मोड़ बनी जिसने उन्हें और मजबूती से अपनी बात रखने का हौसला दिया।

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