मई 2026 बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: ‘करुप्पू’ बनी नंबर-1, साउथ फिल्मों का दबदबा, टॉप-5 में कई बड़े नाम शामिल
इस सूची में पहला स्थान तमिल सुपरस्टार सूर्या की फिल्म ‘करुप्पू’ ने हासिल किया है। 14 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 299 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। आरजे बालाजी के निर्देशन में बनी यह फैंटेसी एक्शन ड्रामा फिल्म पुलिस व्यवस्था, भ्रष्ट न्याय प्रणाली और समाज में कमजोर वर्गों के शोषण जैसे गंभीर मुद्दों को उठाती है। फिल्म में सूर्या और तृषा कृष्णन की जोड़ी को भी काफी सराहा गया।
दूसरे स्थान पर मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ रही। 21 मई को रिलीज हुई इस सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म ने 133 करोड़ रुपये की कमाई की। जीतू जोसेफ के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता को एक बार फिर साबित कर दिया। मोहनलाल के साथ मीना, अंसिबा हसन, एस्तेर अनिल और आशा शरथ जैसे कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
तीसरे स्थान पर बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख की ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ रही। 1 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने भी 133 करोड़ रुपये का कारोबार किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और संघर्ष पर आधारित इस फिल्म में रितेश देशमुख के अलावा जेनेलिया देशमुख, सलमान खान, संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और भाग्यश्री जैसे कई बड़े कलाकार नजर आए। फिल्म को इसके भव्य निर्माण और दमदार प्रस्तुतिकरण के लिए सराहा गया।
चौथे नंबर पर हॉलीवुड फिल्म ‘ऑब्सेशन’ रही, जिसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 102 करोड़ रुपये की कमाई की। मनोवैज्ञानिक हॉरर और थ्रिलर शैली की इस फिल्म ने अपनी रहस्यमयी कहानी और सस्पेंस से दर्शकों को बांधे रखा। फिल्म एकतरफा प्रेम और जुनून के खतरनाक परिणामों को बेहद प्रभावी तरीके से दिखाती है।
पांचवें स्थान पर मराठी फिल्म ‘देओल बैंड 2’ रही, जिसने 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया। यह फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र में किसानों की समस्याओं, आत्महत्या और आस्था-अनास्था के संघर्ष को केंद्र में रखती है। निर्देशक प्रवीण तारडे की इस फिल्म को सामाजिक संदेश और भावनात्मक प्रस्तुति के लिए काफी सराहना मिली।
मई 2026 की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि अब दर्शक केवल स्टार पावर नहीं, बल्कि मजबूत कहानी और प्रभावशाली कंटेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि विभिन्न भाषाओं की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय सिनेमा की विविधता और ताकत को फिर से साबित किया है।
