जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस में बड़ी सेंध, फिल्मों और वेब सीरीज का सीक्रेट डेटा रखने वाली 66 हार्ड डिस्क गायब
बताया जा रहा है कि यह मामला उस समय सामने आया जब कार्यालय के कर्मचारियों को काम के दौरान एक विशेष हार्ड डिस्क की आवश्यकता पड़ी। संबंधित कर्मचारी से डिस्क मांगे जाने पर वह उसे उपलब्ध नहीं करा पाया, जिसके बाद कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड और स्टोरेज की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कई हार्ड डिस्क अपने निर्धारित स्थान से गायब मिलीं। इससे कर्मचारियों का शक और गहरा गया और तत्काल कंपनी प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई।
मामले की गंभीरता उस समय और बढ़ गई जब कार्यालय परिसर की अलमारी के भीतर कुछ जले हुए डिब्बे पाए गए। हालांकि वहां आग लगने जैसी कोई स्थिति या नुकसान के निशान नहीं मिले। इससे कर्मचारियों को आशंका हुई कि सबूत मिटाने या भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई हो सकती है। इसके बाद कंपनी स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस जांच के दौरान गिरफ्तार कर्मचारी से पूछताछ की गई, जिसमें कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में आरोपी ने बीते कुछ महीनों में हार्ड डिस्क चोरी करने की बात स्वीकार की। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी किया गया डेटा किन लोगों तक पहुंचा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
कंपनी के अनुसार कुल 119 हार्ड डिस्क में से 66 अब भी गायब हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक चिंता इन हार्ड डिस्क की कीमत नहीं बल्कि उनमें मौजूद कंटेंट को लेकर है। बताया जा रहा है कि कई फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़ी संवेदनशील सामग्री इन स्टोरेज डिवाइस में मौजूद थी। यदि यह डेटा किसी तरह सार्वजनिक होता है या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लीक होता है, तो इससे कंपनी को बड़ा आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान हो सकता है।
मनोरंजन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में कंटेंट केवल रचनात्मक संपत्ति नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का निवेश भी होता है। किसी फिल्म या वेब सीरीज का डेटा समय से पहले लीक होना पूरे प्रोजेक्ट की व्यावसायिक रणनीति पर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों ने प्रोडक्शन कंपनियों के भीतर डेटा सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और कंटेंट संरक्षण के तरीकों को और मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है।
