‘हनुमान अंश’ के सेट पर आध्यात्मिक माहौल, चंदन आनंद ने बताया बंदरों के पहुंचने से लेकर शूटिंग के अनुभव का दिलचस्प किस्सा
नई दिल्ली ।फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों चर्चा में है और इसकी कहानी बाबा नीम करौली के जीवन पर आधारित है। फिल्म में अभिनेता चंदन आनंद ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने फिल्म की शूटिंग के दौरान के अपने अनुभव साझा करते हुए सेट के माहौल, अपनी भूमिका और वहां हुई कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में बताया, जिन्हें उन्होंने चमत्कार जैसा अनुभव माना।
चंदन आनंद के मुताबिक, वह फिल्म की शूटिंग के लिए शुरुआत में केवल तीन दिनों के लिए गए थे, जबकि उनकी शूटिंग सिर्फ एक दिन की थी। उन्हें नासिर अली नाम के सूबेदार की भूमिका के लिए बुलाया गया था। हालांकि अगले दिन निर्देशक ने उनसे दो-तीन दिन और रुकने को कहा।
निर्देशक ने उनसे नरेटर यानी कथावाचक की भूमिका निभाने को लेकर भी बात की। चंदन आनंद के लिए यह जिम्मेदारी खास थी, क्योंकि इस भूमिका में फिल्म की पूरी कहानी को शब्दों के जरिए बताना था और बाबा नीम करौली के बारे में दर्शकों को जानकारी देनी थी। उन्होंने इसे अपने लिए आशीर्वाद जैसी बात बताया।
अभिनेता ने बताया कि उन्होंने चित्रकूट में रुकने का फैसला किया और वहां बिताए दिनों का अनुभव उनके लिए अलग रहा। उनके अनुसार, फिल्म के सेट पर सुबह से ही एक विशेष तरह का माहौल रहता था। पूरी कास्ट सुबह उठती थी और सेट पर पूजा-पाठ किया जाता था।
चंदन आनंद ने बताया कि उन्हें शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि शूटिंग के दौरान सात्विक भोजन करना है। उन्हें एक अच्छे गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। शाम के समय भी हनुमान जी के भजन-कीर्तन होते थे और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था।
अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पहले इस तरह का माहौल नहीं देखा था, इसलिए उन्हें खुद को उसके अनुरूप ढालने में थोड़ा समय लगा। शूटिंग से जुड़े ड्राइवर पूरी कास्ट के लिए खाना बनाकर खिलाते थे। उनके मुताबिक, जब पूरी टीम साथ मिलकर काम करती है तो सभी लोग एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं।
चंदन आनंद ने यह भी बताया कि वह वहां कुछ और दिन रुकना चाहते थे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। शूटिंग के दौरान चमत्कार से जुड़े अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने कास्ट के लोगों से सुना था कि वहां अचानक बंदरों का एक समूह पहुंच गया था।
उनके मुताबिक, इससे पहले उस जगह पर बंदर दिखाई नहीं दिए थे। उन्होंने शूटिंग के लिए लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों का भी जिक्र किया। शुरुआत में लोकेशन की अनुमति नहीं मिल रही थी या उपयुक्त लोकेशन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इसके बाद अचानक लोकेशन मिल जाना भी उन्हें किसी चमत्कार से कम नहीं लगा।
चंदन आनंद ने अपने खानपान से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं थी कि धूम्रपान और शराब से बचना है। वह कभी-कभी खुशी के मौके पर थोड़ा ड्रिंक कर लेते हैं। होटल में उन्होंने थोड़ा ड्रिंक लिया, लेकिन कुछ देर बाद ही उनके पेट में अचानक दर्द शुरू हो गया।
अभिनेता ने कहा कि शूटिंग के दौरान उनके छह दिन चमत्कार जैसे रहे। इन दिनों उन्होंने मुख्य रूप से दाल और खिचड़ी खाई। उनके मुताबिक, फिल्म के सेट पर मिला आध्यात्मिक और सात्विक माहौल उनके लिए एक अलग अनुभव रहा।
