राधाष्टमी को लेकर बरसाना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 160 बसें चलाएगा परिवहन निगम
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन के लिए 38 होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसके अलावा 50 पार्किंग स्थल, छह वॉच टावर और 88 बैरियर लगाए जाएंगे।
12 गोताखोर और नाव रहेगी तैनात
जल संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए 12 गोताखोर और एक नाव तैनात की जाएगी। जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र की सड़कों को गड्ढामुक्त करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। सफाई और सजावट के साथ घोषणा प्रणाली से लगातार अनाउंसमेंट कराने पर भी जोर दिया गया है।
जर्जर भवनों को चिह्नित कर नोटिस देने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त दिशा-सूचक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12 स्वास्थ्य शिविर और मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। बाइक एंबुलेंस के साथ नियमित दूरी पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए 35 पानी के टैंकर, 30 मोबाइल शौचालय और 100 लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे। सात स्थानों पर जूता घर भी बनाए जाएंगे।
50 स्थानों पर 155 कैमरों से नजर
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए बरसाना में 50 स्थानों पर कुल 155 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें कस्बे में पहले से लगे 60 कैमरों और राधारानी मंदिर में मौजूद 32 कैमरों के अतिरिक्त नए कैमरे शामिल होंगे। इसके अलावा 27 स्थानों पर 63 अस्थायी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
पीली कोठी, श्रीजी गेट और कटारा पार्क सहित सात स्थानों पर स्टैटिक सेट के जरिए भीड़ की निगरानी की जाएगी। प्रशासन का जोर भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने पर रहेगा।
राधाष्टमी पर 160 बसें चलेंगी
राधाष्टमी पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम ने भी तैयारी शुरू कर दी है। 18 और 19 सितंबर को 160 बसों के संचालन की तैयारी है। इसके अलावा 40 अतिरिक्त बसों को रिजर्व रखा जाएगा।
बसों के संचालन के लिए चालक-परिचालकों की व्यवस्था के साथ प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को बरसाना पहुंचाने और वापस लाने के लिए प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त बसें उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक अहिरवार के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर बसों के फेरे भी बढ़ाए जा सकते हैं।
