August 22, 2026

देवभूमि में आतंकी षड्यंत्र का खुलासा: फिदायीन हमले की तैयारी में था सलाउद्दीन

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  • तेलंगाना के जुबेर ने दिए थे डेटोनेटर

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऊधमसिंहनगर जिले के गदरपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन को अदालत में पेश किया, जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि वह फिदायीन हमले के लिए खुद को तैयार कर रहा था और अपनी शारीरिक तैयारी के वीडियो विदेश और देश में बैठे आकाओं तक भेज रहा था।

एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि सलाउद्दीन नियमित रूप से दौड़ लगाने, पुशअप्स और अन्य शारीरिक गतिविधियों के वीडियो बनाकर अपने हैंडलरों को भेजता था। वह टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिये संदिग्ध आतंकियों के संपर्क में था। साथ ही चैट में वह खुद को हर टास्क के लिए फिट बताता था।

पूछताछ में पता चला है कि विभिन्न स्थानों पर मस्जिदों और मजारों को ध्वस्त किए जाने की घटनाओं से वह आहत था। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी तत्वों ने उसे अपने प्रभाव में लिया और धीरे-धीरे उसकी सोच को उग्र बनाया। इसके बाद वह राष्ट्रविरोधी और जिहादी सामग्री से जुड़े कई ऑनलाइन समूहों में सक्रिय हो गया। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सलाउद्दीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये अन्य युवाओं को भी प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था।

उसके मोबाइल फोन की जांच में जिहाद, शहादत और कट्टरपंथी विचारधारा से संबंधित सामग्री मिलने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, ऑनलाइन नेटवर्क और संभावित अंतरराज्यीय कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फाॅरेंसिक जांच भी कराई जा रही है जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तेलंगाना के जुबेर ने दिए थे डेटोनेटर
सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सलाउद्दीन एक बड़े धमाके को अंजाम देने की साजिश में शामिल था। इसके लिए तेलंगाना निवासी जुबेर नामक व्यक्ति ने चार डेटोनेटर उपलब्ध कराए थे। इसके साथ ही उसे आर्थिक सहायता भी दी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि डेटोनेटर किस उद्देश्य से मंगाए गए थे और संभावित लक्ष्य क्या था। अधिकारियों को आशंका है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।

जिहादी नेटवर्क में : रामपुर के युवक को भी थी फंसाने की साजिश
उत्तराखंड एसटीएफ ने सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा से जोड़ने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गदरपुर निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन को गिरफ्तार करने के बाद जांच में एक और अहम खुलासा हुआ है। वह रामपुर के युवक अताउल्ला समीर को भी जिहादी विचारधारा से जोड़ रहा था। एसटीएफ ने उससे भी पूछताछ की है।

एसएसपी एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सलाउद्दीन के मोबाइल फोन की जांच के दौरान इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई संदिग्ध चैट और समूह मिले। इनमें जिहाद, शहादत और राष्ट्रविरोधी विचारों से जुड़ी सामग्री साझा किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी युवाओं को प्रभावित कर उन्हें उग्र और कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था।

पूछताछ के दौरान उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी अताउल्ला समीर नामक युवक से उसके संपर्कों की जानकारी मिली। इसके बाद एसटीएफ की विशेष टीम रामपुर में दबिश देकर समीर को पूछताछ के लिए देहरादून लाई। एसटीएफ कार्यालय में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया इकाइयों द्वारा उससे गहन पूछताछ की गई।

जांच में सामने आया कि समीर को इस नेटवर्क से जुड़े लोग देशविरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से उसे कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा से जोड़ने के साथ सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और देश की सुरक्षा के खिलाफ भड़काने के प्रयास किए जा रहे थे। विस्तृत पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद समीर को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। एसटीएफ ने उसका मोबाइल फोन फाॅरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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