April 23, 2026

Z+ बनाम Z सिक्योरिटी: राघव चड्ढा और नीतीश कुमार की सुरक्षा से समझिए भारत का VIP सुरक्षा सिस्टम, आखिर कौन तय करता है किसे कितनी सुरक्षा मिलेगी

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नई दिल्ली:
हाल ही में अलग-अलग नेताओं को मिली सुरक्षा श्रेणियों ने VIP सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को Z+ सुरक्षा दी गई है, जबकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को Z श्रेणी की सुरक्षा मिली है। इसी अंतर ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर इन सुरक्षा श्रेणियों में फर्क क्या होता है और इन्हें तय कैसे किया जाता है।

VIP सुरक्षा का फैसला कौन करता है?

भारत में VIP सुरक्षा देने का निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय करता है। यह पूरी प्रक्रिया खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट और किसी व्यक्ति को संभावित खतरे के आकलन पर आधारित होती है। जितना अधिक खतरे का स्तर होता है, उतनी ही उच्च सुरक्षा श्रेणी दी जाती है।

Z और Z+ सुरक्षा में सबसे बड़ा अंतर

Z+ और Z सुरक्षा में सबसे बड़ा अंतर सुरक्षा कर्मियों की संख्या, कमांडो की मौजूदगी और सुरक्षा के स्तर में होता है।

Z+ सुरक्षा देश की सबसे उच्च श्रेणी की सुरक्षा मानी जाती है। इसमें लगभग 50 से 55 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं, जिनमें करीब 10 या उससे अधिक प्रशिक्षित कमांडो शामिल रहते हैं। यह सुरक्षा उन व्यक्तियों को दी जाती है जिन्हें बेहद गंभीर खतरा माना जाता है।

वहीं Z सुरक्षा में लगभग 20 से 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं। इसमें कमांडो की संख्या कम होती है और सुरक्षा का स्तर भी Z+ की तुलना में कम व्यापक होता है।

सुरक्षा में कौन से बल शामिल होते हैं?

Z+ सुरक्षा में आमतौर पर विशेष प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए जाते हैं, जो आतंकवाद-रोधी और हाई-रिस्क परिस्थितियों से निपटने में सक्षम होते हैं।

Z सुरक्षा में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए जाते हैं, जो सामान्य VIP सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होते हैं।

काफिले और मूवमेंट में फर्क

Z+ सुरक्षा में काफिला बड़ा होता है और इसमें बुलेटप्रूफ वाहन, जैमर से लैस गाड़ियां और एडवांस सिक्योरिटी वाहन शामिल होते हैं। किसी भी दौरे से पहले पूरे रूट की सुरक्षा जांच की जाती है।

Z सुरक्षा में काफिला अपेक्षाकृत छोटा होता है और सुरक्षा जांच सीमित स्तर पर की जाती है, जो जरूरत के अनुसार बढ़ाई जाती है।

Z+ सुरक्षा क्यों खास मानी जाती है?

Z+ सुरक्षा को SPG सुरक्षा (जो प्रधानमंत्री को मिलती है) के बाद सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा माना जाता है। यह उन व्यक्तियों को दी जाती है जिन पर खतरे का स्तर बहुत अधिक होता है।

Z सुरक्षा भी मजबूत होती है, लेकिन यह Z+ की तुलना में कम संसाधनों और कम सुरक्षा घेरों के साथ दी जाती है।

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