युवाओं से लेकर विकास तक बड़े फैसले की तैयारी! UP कैबिनेट में 19 से ज्यादा प्रस्ताव, इलेक्ट्रिक बसों और एक्सप्रेसवे पर भी बड़ा ऐलान
उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार और प्रदेश के विकास को गति देने के लिए योगी सरकार कई बड़े फैसले लेने की तैयारी में है। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में 19 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। इनमें युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजना के साथ नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और कई बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट शामिल हैं। सरकार की कोशिश है कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं और प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाए।
कैबिनेट में सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक विकास योजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस योजना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा परिवहन विभाग के बेड़े को मजबूत करने के लिए करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में जन सेवा केंद्र 4.0 परियोजना को भी मंजूरी मिल सकती है। जन सेवा केंद्रों के जरिए लोगों को आय प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र सहित कई जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। जन सेवा केंद्र 3 की अवधि जून 2026 में समाप्त हो चुकी थी। अब नई व्यवस्था के तहत जन सेवा केंद्र 4.0 शुरू करने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए हैं। जिला पुलिस इकाइयों के लिए पुराने और स्क्रैप वाहनों की जगह 1323 नए वाहन खरीदे जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पुलिस में कुशल खिलाड़ियों की भर्ती और बिना पारी पदोन्नति से जुड़े नियमों में संशोधन पर भी फैसला हो सकता है।
औद्योगिक विकास के लिहाज से भी कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने के लिए 27225.33 लाख रुपए के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना और गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में रखे जाएंगे। इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निजी अस्पतालों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी सहायता नीति और विदेशी निवेश से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के दिशा निर्देशों को मंजूरी मिलने की संभावना है। साक्षर भारत योजना से जुड़े कर्मचारियों की बकाया देनदारी के भुगतान और मैनपुरी में पर्यटन विकास के लिए भूमि हस्तांतरण जैसे प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं।
इन फैसलों के बीच युवाओं पर सरकार का विशेष फोकस भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले Gen-Z मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ी है। कैबिनेट में प्रस्तावित फैसले अगर मंजूर होते हैं तो रोजगार पर्यटन परिवहन औद्योगिक विकास और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में प्रदेश को कई नई सौगातें मिल सकती हैं।
