March 8, 2026

अगले साल (2026) दो सूर्य और दो चंद्रग्रहण होंगे, भारत में कितने दिखेंगे

0
Eclipse 2026 Grahan

– 2026 में होंगे चार ग्रहण, हम देख पाएंगे होली पर पडऩे वाला चंद्रग्रहण

आने वाला साल 2026 कई उपलिब्धयों से भरा होगा। हर नया साल कई खगोलीय घटनाएं भी लेकर आता है। ऐसे में साल 2026 में चार ग्रहण रहेंगे। इसमें दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण रहेंगे, लेकिन भारतवर्ष में केवल एक ही ग्रहण जो चंद्रग्रहण होगा दिखाई देगा। शेष तीन ग्रहण विदेशों में दिखाई देंगे। विज्ञान के नजरिए से भले ही इसे एक खगोलीय घटना माना जाता हो, लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के शुभ अशुभ प्रभाव जीवन पर भी पड़ते हैं।

चंद्रग्रहण के साए मनेगी धुलेंडी:
भारत में जो ग्रहण दिखाई देगा, वह होली के दिन रहेगा। अगले साल 2 मार्च को होलिका दहन रहेगा, जबकि 3 मार्च को धुलेंडी पर्व रहेगा। दो दिन पूर्णिमा तिथि होने से चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 3:20 मिनट से प्रारंभ होगा, वहीं इसका मोक्ष शाम 6:47 मिनट पर होगा। देश के कई शहरों में यह ग्रहण सूर्यास्त के समय दिखाई देगा। भोपाल में भी यह ग्रहण दृश्य रहेगा। यह ग्रहण दोपहर में लगेगा, इसलिए इसका सूतक काल सुबह 9 बजे के बाद प्रारंभ हो जाएगा, जो ग्रहण समाप्ति तक रहेगा।

जहां दिखाई देता है, वहीं माना जाता है प्रभाव: पंडितों व जानकारों के अनुसार ग्रहण को दृश्य पर्व माना गया है, इसलिए यह जहां दिखाई देता है, वहीं पर इसका सूतक और नियम माने जाते हैं। इसलिए होली के समय पड़ने वाले चंद्रग्रहण का प्रभाव हमारे यहां होगा। इस अवधि में प्रतिमा स्पर्श, देवदर्शन आदि वर्जित माना गया है। जिन राशि के जातकों के लिए ग्रहण का फल अशुभ होता है, उन्हें ग्रहण नहीं देखना चाहिए।

2026 में कब कौन सा ग्रहण पड़ेगा
17 फरवरी: इस दिन कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा, भारत में दिखाई नहीं देगा, यह पश्चिम यूरोप सहित विदेशों में दिखेगा।

03 मार्च: खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा, यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक आदि मान्य होगा।

12 अगस्त: खग्रास सूर्यग्रहण होगा। यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा, यह भी विदेशों में दिखाई देगा।

28 अगस्त: पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। यह ग्रहण एशिया, यूरोप अंटलांटिका में दिखाई देगा। लेकिन, भारत में यह दृश्य नहीं होगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *