April 24, 2026

Weather Update: राजस्थान में पारा 40°C पार, मध्य प्रदेश में 39°C; बिहार में बारिश का यलो अलर्ट, पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी की संभावना

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नई दिल्ली। 11 मार्च 2026 मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश में भी पारा 39°C तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है।

राजस्थान में 40°C पार पहुंचा तापमान
राजस्थान में गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के बाड़मेर में सबसे अधिक 40.6°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने तेज गर्मी के साथ कुछ इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के करीब 19 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।

मध्य प्रदेश में भी बढ़ी गर्मी
मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। ग्वालियर-चंबल संभाग में तापमान सामान्य से 6°C ज्यादा दर्ज किया गया। मंगलवार को धार में सबसे अधिक 39°C तापमान रहा, जबकि राज्य के कई शहरों में तापमान 34°C से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि 15 मार्च के बाद गर्मी और तेज हो सकती है।

बिहार में बारिश का यलो अलर्ट
बिहार में मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें गोपालगंज, बेगूसराय और नालंदा समेत कई जिले शामिल हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा तापमान सुपौल में 32.1°C दर्ज किया गया, जबकि राजधानी पटना में तापमान 32°C रहा।

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम विभाग ने बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31°C दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में यहां तापमान 35°C तक पहुंच सकता है।

क्यों बढ़ रही है इतनी जल्दी गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक असामान्य गर्मी के पीछे कई कारण हैं। फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) कम सक्रिय रहे, जिससे बादल और बारिश कम हुई। इसके कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और सतह तेजी से गर्म हो रही है।

इसके अलावा पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इस स्थिति में हवा नीचे की ओर दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं चलती रहती हैं। यही कारण तापमान बढ़ने का मुख्य कारण बन रहा है।

कब घोषित होती है हीटवेव?
मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानों में तापमान 40°C या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य तापमान से 4 से 6°C ज्यादा दर्ज होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। इस दौरान लोगों को लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

जून में अलनीनो का असर संभव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल ला-नीना कमजोर हो रहा है और अगले तीन महीने एनसो न्यूट्रल स्थिति रह सकती है। अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA के अनुसार जून की शुरुआत में अलनीनो सक्रिय हो सकता है। इसी समय भारत में मानसून भी आता है।
अलनीनो की स्थिति बनने पर न सिर्फ गर्मी बढ़ती है, बल्कि मानसून भी कमजोर हो सकता है।

अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
12 मार्च: हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

13 मार्च: केरल और आंध्र प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि कुछ तटीय इलाकों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

निष्कर्ष:
देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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